इन डॉक्टरों ने टीम रही शामिल
पीजीआई के ईएनटी विभाग के प्रमुख डॉ. नरेश पांडा, न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. प्रवीन, ऑडियोलाजी के डॉ. संजय मुंजाल, डॉ. पारुल सूद, एनीस्थीसिया विभाग की डॉ. निधि पांडा, डॉ. बबिता घई की ओर से यह सर्जरी चेन्नई के प्रो. मोहन कामेश्वरम, प्रो. एमसी वासुदेवन और प्रो. रजनीथ राजेसवरण के नेतृत्व में टेली कंसल्टेशन के माध्यम से की गई।
ऑडिटरी ब्रेनस्टेम इंप्लांट क्या है?
ऑडिटरी ब्रेनस्टेम इंप्लांट सुनने की शक्ति खो देने वाले लोगों को सुनने की शक्ति वापस लौटाने के लिए किया जाता है। यह ट्रीटमेंट उन्हीं लोगों के लिए है जो सुन नहीं सकते हैं। आमतौर पर यह एक बहुत छोटी ऑडिटरी नर्व या आंतरिक कान के न होने पर किया जाता है। ऑडिटरी ब्रेनस्टेम इंप्लांट सीधे ब्रेन के मार्ग में ऑडिटरी मार्ग को उत्तेजित कर आंतरिक कान और ऑडिटरी नर्व को दरकिनार करता है। ऑडिटरी ब्रेनस्टेम इंप्लांट मूलरूप से न्यूरोफा इब्रोमैटोसिस टाइप 2 के निदान वाले लोगों के लिए निकाला गया था। यह एक रेयर जेनेटिक स्थिति है, जो ट्यूमर को नसों पर बढ़ने का कारण बनती है।
ऑडिटरी ब्रेनस्टेम इंप्लांट के मुख्य रूप से तीन भाग हैं
- ऑडिटरी ब्रेनस्टोम इंप्लांट में ध्वनियों को लेने के लिए कान के पीछे एक माइक्रोफोन और साउंड प्रोसेसर लगा होता है
- इसमें माइक्रोफोन द्वारा ली गई जानकारी को प्रसारित करने के लिए एक डिकोडिंग चिप त्वचा के नीचे रखी होती है
- वहीं इलेक्ट्रोड सीधे ब्रेनस्टेम से जुड़े होते हैं, जो उत्तेजित होने पर आपको ध्वनि के लिए एक्टिव कर देते हैं