जगबीर सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह मोबाइल पर एक जानकार का फोन आया। उन्होंने बताया कि आपके नाम से कोई फेसबुक मैसेंजर से मैसेज भेजकर रुपयों की मांग कर रहा है। यह सुनकर हैरान रह गया। उन्होंने अपनी आईडी चेक की और दोस्तों को आगाह करते हुए पोस्ट लिखा ताकि कोई ठगी का शिकार न हो सके।
ऐसे करते हैं ठगी करने की कोशिश
शातिर ठग यूटी पुलिस के इंस्पेक्टर या डीएसपी की फर्जी आईडी बनाकर पहले दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं। इसके बाद वह फेसबुक मैसेंजर के जरिए गुड मॉर्निंग का मैसेज भेजकर चैटिंग शुरू करते हैं और फिर उनसे पैसों की मांग कर मोबाइल नंबर भेजकर गूगल-पे के जरिए पैसे भेजने को कहते हैं। यह भी वादा करते हैं कि उनके पैसे कुछ दिन में लौटा दिए जाएंगे।
डेढ़ महीने में तीसरी घटना
बता दें कि बीते 5 सितंबर को तत्कालीन ईस्ट डीएसपी दिलशेर सिंह चंदेल और 27 सितंबर को पूर्व इंस्पेक्टर अच्छर चंद का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों को रिक्वेस्ट भेजकर 20 हजार रुपये मांगे गए थे। मामले की शिकायत साइबर सेल को दी गई थी लेकिन मामला अब तक अनसुलझा पड़ा है। वहीं, अब डेढ़ महीने में यूटी पुलिस के अधिकारियों के साथ तीसरी घटना हुई।