हरियाणा में पंजाब के फाजिल्का जिले के गांव चिमनेवाला के मूल रूप से रहने वाले एनआरआई परिवार पर हुए हमले में पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। पंजाब पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते मंगलवार को जीरो एफआईआर दर्ज की।
पंजाब के प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि सरकार एनआरआई परिवार को बचाने वाले ड्राइवर को एक लाख रुपये का इनाम और बहादुरी पुरस्कार देगी। हरियाणा के रोहतक में बीते दिनों चिमनेवाला गांव के रहने वाले एनआरआई परिवार सुखविंदर कौर और बूटा सिंह पर हमला हुआ था। पंजाब पुलिस ने इस घटना पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)-2023 एक्ट के तहत जीरो एफआईआर नंबर 001 दर्ज की है।
मंत्री धालीवाल ने बताया कि बीते दिन फाजिल्का जिले के गांव चिमनेवाला पहुंचकर एनआरआई परिवार से मुलाकात की और इस घटना संबंधी जीरो एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन एनआरआई से संपर्क किया। पुलिस के एनआरआई सेल में दी शिकायत के आधार पर यह केस रजिस्टर्ड किया गया है।
वहीं मंत्री ने इस मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री और डीजीपी को जीरो एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र लिखा था और उक्त घटना में शामिल दोषियों की पहचान कर उन्हें सजा देने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि मैंने हरियाणा के मुख्यमंत्री से मिलने का समय भी मांगा है ताकि दिल्ली और पंजाब के बीच यात्रा करने वाले पंजाबियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह है मामला
सुखविंदर कौर जोकि विदेश से लौट रही थीं। उनके पति बूटा सिंह उन्हें लेने दिल्ली गए थे। इस दौरान रास्ते में उन पर हमला हुआ था। इस घटना के दौरान ड्राइवर ने सुझबूझ से हमलावरों से उनका बचाव किया था। इस घटना के दौरान एनआरआई परिवार को बचाने वाले ड्राइवर को पंजाब के प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने एक लाख रुपये का इनाम देने और पंजाब सरकार द्वारा बहादुरी पुरस्कार देने की घोषणा भी की है।