नगर निगम के असिस्टेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर मदन ने बताया कि उनके साथ मारपीट के दौरान ही गांव के लोगों ने गाड़ियों से फाइल फेंक दी। यहां तक कि गाड़ियों के दस्तावेज सहित अन्य टेक्निकल सामान भी फेंक दिया। गाड़ी की आरसी समेत तमाम कागजात भी गांव के लोगों ने फेंक दिए। गाड़ी का टायर पंचर कर दिया ताकि कोई मौके से भाग न सके।
2:15 बजे नगर निगम की टीम पहुंची अवैध कब्जा हटाने
नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि अवैध कब्जा को लेकर हाइकोर्ट में जवाब दाखिल करना था और उसके लिए नग्गल गांव में किसी दूसरे जगह से कब्जा हटाया गया था। कब्जा हटाने के बाद वारदात की जगह करीब पौना एकड़ की शामलात जमीन पर अवैध कब्जे की सीएम विंडो पर शिकायत थी। टीम वहां चली गई। वहां से भी कब्जा हटाने के लिए नगर निगम के 12 कर्मचारियों की टीम अपनी गाड़ियों से उतरकर कब्जा हटाना शुरू किया। इसके तुरंत बाद नग्गल गांव के लोग मौके पर आए निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को पहले तो अवैध कब्जों को तोड़ने से रोका लेकिन निगम की टीम को कार्रवाई करता देख उनके साथ मारपीट की और उन्हें बंदी बनाए रखा।
जज की जमीन, हमारा कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि गांव के लोग बार-बार एक जज का नाम लेकर उन्हें रहे थे कि एक जज ने यह शामलात जमीन (पौना एकड़) करीब 2.50 करोड़ रुपये में खरीदी है। नगर निगम का अधिकारी क्या कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। यहां तक कि लोग पंचकूला शहर के निवासी राजेश गोयल का बार-बार नाम लेकर कह रहे थे कि उसका भी इसमें हिस्सा है।
कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि नग्गल गांव में नगर निगम की टीम को घेर रखा है। इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें थाना लेकर आई। गांव के लोगों को भी थाने में बुलाया था। नगर निगम के चोटिल अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। अभी तक अधिकारियों ने एक व्यक्ति का नाम लिया है, उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। बाकी मौके के वीडियो को खंगाला जा रहा है और उसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। जमीन के कागजात भी जांचे जा रहे हैं। - ललित शर्मा, एसएचओ, पुलिस थाना चंडीमंदिर।