तारपीन का एक्सपायर तेल डंप करने के दौरान हुआ धमाका
सिविल अस्पताल में घायल कर्मचारियों के साथ आई कर्मी सोनिका ने बताया कि सुबह वह करीब 11 बजे 12 महिलाओं समेत करीब 25 कर्मचारियों के साथ फैक्टरी में काम कर रही थी। इस दौरान तारपीन के तेल को ड्रम में डंप करने के लिए डाला जा रहा था कि अचानक धमाका हो गया। इस कारण पांच महिला कर्मचारी झुलस गईं।
जब धमाका हुआ तो वह ड्रम से थोड़ी दूर थी और धमाका सुनते ही पीछे भागी। इसके बाद बाकी कर्मचारी भी बाहर की तरफ भागे। फिर मौके पर फायर ब्रिगेड ने आकर अंदर फंसे कर्मचारियों को बाहर निकाला। उन्हें मौके पर फर्स्ट एड देकर इलाज के लिए फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहीं अंजू और संध्या कुमारी को 70 प्रतिशत से अधिक झुलसी होने के कारण जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया गया। वहीं निभा कुमारी, जयदेव देवी और दिलजीत कौर का मोहाली फेज-6 सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
तीन साल से बिना बिजली के चल रही फैक्टरी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन साल से फैक्टरी में बिजली कनेक्शन नहीं है। तब से फैक्टरी को कुंडी या जेनरेटर सेट के सहारे से चलाया जा रहा है। वहीं आग करीब सवा दो बजे और भड़क गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास स्थित घरों को एहतियातन खाली करवाना शुरू कर दिया है। मौके पर मौजूद अफसरों का कहना है कि आग कहीं फैलकर घरों में न लग जाए, इसके लिए कोशिश की जा रही है कि किसी तरह आग पर काबू पाया जा सके।
लोगों को पीछे हटने के लिए कह रहे कर्मचारी
फैक्टरी में लगी आग के धमाकों और आग के गुब्बार को देखकर आसपास से काफी लोग वहां पहुंच गए। लोगों ने वहां पहुंचकर मौके के वीडियो बनाने के साथ ही फोटो खींचना शुरू कर दिए। इस दौरान कुछ लोग फैक्टरी के काफी पास पहुंच गए। इस पर वहां काम कर रहे कर्मचारियों ने काम में हो रही दिक्कत का हवाला और उनकी सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें पीछे हटने को कहा। इस पर कुछ लोग तो हट गए लेकिन अधिकतर कर्मचारियों के जाते ही फिर आगे आने लगे।