चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
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चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार की उपलब्धियों में अब एक और नई उपलब्धि जुड़ गई है। विश्वविद्यालय ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशंस ऑन इनोवेशन एंड अचीवमेंट्स (अरैया) में कृषि विश्वविद्यालयों में देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों के सभी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में देशभर में तीसरा स्थान मिला है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. समर सिंह ने इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी। इससे पहले नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान महाविद्यालय को देशभर में 49वां स्थान, जबकि प्रदेश में पहला स्थान मिला था। विश्वविद्यालय की नोडल अधिकारी डॉ. सीमा रानी ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से इस रैंकिंग के लिए 2019 में आवेदन किया था। इस साल 674 उच्च शिक्षा संस्थानों ने रैंकिंग के लिए आवेदन किया था।
इन मापदंडों में अव्वल रहा विश्वविद्यालय
- विश्वविद्यालय में स्थापित एबिक सेंटर उत्तर भारत का पहला और भारतवर्ष का दूसरा केंद्र है जो इनोवेशन, स्टार्टअप व उद्यमिता को बढ़ावा दे रहा है।
- विश्वविद्यालय में स्थापित दीनदयाल उपाध्याय जैविक खेती उत्कृष्टता केंद्र, अनुसंधान फार्म सहित कई अन्य केंद्र इसी कड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
- विश्वविद्यालय ने 1960 और 70 के दशक के दौरान भारत में हरित व श्वेत क्रांति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- विश्वविद्यालय के पूरे राज्य में कई अनुसंधान केंद्र हैं।
- 1997 में सर्वश्रेष्ठ संस्थान के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पुरस्कार भी जीता है।
- विश्वविद्यालय ने शिक्षण, अनुसंधान और विस्तार में प्रमुख भूमिका निभाते हुए भारतीय मूल के राष्ट्रीय स्तर के 50 हजार से अधिक स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों और अंतरराष्ट्रीय मूल के 6 हजार से अधिक छात्र यहां से शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं।