29 साल पुराने आईएएस के बेटे बलंवत सिंह मुल्तानी के अपहरण के मामले में पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। क्योंकि मामले में उनके साथ नामजद दो आरोपी जागीर सिंह और कुलदीप सिंह सरकारी गवाह बन गए हैं। यह दोनों चंडीगढ़ के पूर्व पुलिस मुलाजिम हैैं। जबकि एक आरोपी और रिटायर पुलिस कर्मी हर सहाय शर्मा की अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया है। ऐेसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में पुलिस केस मेें धारा-302 लगा सकती है। जिसके बाद केस में पूर्व डीजीपी की गिरफ्तारी तक हो सकती है।
मिली जानकारी के मुताबिक जागीर सिंह और कुलदीप सिंह दोनों ने मामले की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी के माध्यम से सरकारी गवाह बनने की अर्जी लगाई थी। जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है। जबकि हर सहाय शर्मा की सरकारी गवाह बनने की अर्जी खारिज कर दी। यह भी पता चला कि जागीर सिंह ने अदालत में दिए बयान में कहा है कि 1991 में सुमेध सिंह सैनी जब चंडीगढ़ के एसएसपी थे। उस समय उन पर आतंकी हमला हुआ था। हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थीं। जबकि सैनी का बचाव हो गया था।
वह बम धमाके के बाद सेक्टर-17 के थाने में गया। जहां पर सुमेध सिंह सैनी और अन्य अफसर बैठे हुए थे। वहीं, बलवंत सिंह मुल्तानी जिसे बम ब्लास्ट केस में उठाकर लाए थे, उससे पूछताछ की जा रही थी। उसने कहा कि सुमेध सिंह सैनी के कहने पर उसने बलवंत सिंह मुल्तानी को यातना दी। जिससे वह जख्मी हो गया। वह अगले दिन सेक्टर-17 के थाने गयस, जहां पर मुल्तानी फर्श पर पड़ा तड़फ रहा था। इसके बाद में सुमेध सिंह सैनी ने उसे थाने बुलाया और कहा कि बलवंत सिंह मुल्तानी की मौत हो गई है।
वह इस मामले को खुुर्द बुर्द कर दे। जागीर सिंह ने कहा कि वह टीम लेकर थाना कादियां गया, जहां पर बलवंत सिंह मुल्तानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे भगौड़ा दिखा दिया। इसी तरह पूर्व थानेदार कुलदीप सिंह ने अदालत को बताया कि सुमेध सिंह सैनी ने इस मामले में एक जांच टीम गठित की थी, जिससे मुल्तानी की लाश को खुर्द बुर्द कर केस दर्ज किया जा सके। वह जागीर सिंह, अनोख सिंह और अन्य कादियां थाने में गए। जहां पर मुल्तानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाकर उसे भगौड़ा करार दे दिया गया था।
बता दें कि पूर्व डीजीपी सैनी समेत सात लोगों पर मोहाली के मटौर थाने में कुछ समय पहले बलवंत सिंह मुल्तानी के अपहरण का केस दर्ज हुआ था। पूर्व डीजीपी सैनी जमानत पर चल रहे हैं, वहीं, उन्होंने इस मामले में अब हाईकोर्ट में शरण ली है। इसके साथ ही मांग की है कि इस मामले की जांच किसी अन्य एजेंसी से करवाई जाए।