चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय आगामी मार्च महीने तक अपने कैंपस को पूरी तरह खोलने की योजना बना रहा है। उस समय तक कैंपस में चार हजार से अधिक विद्यार्थियों के पहुंचने की संभावना है। इसे ध्यान में रखकर छात्रावासों के रूम भी आवंटित किए जाएंगे। मगर अभी एक रूम में एक ही विद्यार्थी रह सकेगा, क्योंकि कोरोना की तीसरी लहर पूरी तरह अभी गई नहीं है। ऐसे में पीयू कोई भी खतरा मोल नहीं लेना चाहती।
कोरोना के आगमन के दौरान पीयू का कैंपस बंद हुआ था। उसके बाद से आज तक पूरी तरह कैंपस नहीं खोला गया। इसके लिए योजनाएं तो बनीं, लेकिन धरातल पर नहीं उतर पाईं। अब यूजीसी ने शिक्षण संस्थानों से कह दिया है कि वह अपने स्तर से तैयारियां करके कैंपस खोल सकते हैं, लेकिन कोविड गाइड लाइन का पालन भी करवाया जाए। पीयू ने इसे लेकर कमेटी बनाई, लेकिन यह कैंपस खोलने को लेकर समुचित निर्णय नहीं ले पाई। मार्च तक कैंपस खोलने की योजना है, क्योंकि अभी सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में कैंपस में छात्र आएंगे तो अव्यवस्था हो सकती है। सबसे अधिक दिक्कत छात्रावासों में रूम आवंटन की आएगी। पीयू अभी एक रूम में एक ही छात्र रखेगी। सूत्रों का कहना है कि मार्च में इसके नियम बदलेंगे। यदि एक रूम में एक ही छात्र आगे भी रखा गया तो तमाम छात्रों को छात्रावास नहीं मिल सकेंगे।