अपहरण केस में नामजद पल्लेदार के जमानत पर बाहर आने के बाद उसकी जमानत रद्द कराने की धमकी देकर एएसआई ने उससे 25 हजार रुपये की रिश्वत ली। इसके बाद भी एएसआई ने 10 हजार रुपये मांगने शुरू कर दिए और सौदा आठ हजार रुपये में तय हो गया।
थाना मेहरबान में तैनात एएसआई अरुण कुमार बुधवार को कोर्ट कांप्लेक्स में पीड़ित से छह हजार रुपये रिश्वत ले रहा था तो विजिलेंस अधिकारियों ने उसे काबू कर लिया। विजिलेंस की टीम ने पंजाबी बाग के रहने वाले पल्लेदार कृपा शंकर की शिकायत पर एएसआई अरुण कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी है।
कृपा शंकर ने पुलिस को शिकायत दी है कि 2020 में उसके खिलाफ थाना मेहरबान में अपहरण की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था। उसे फरवरी 2021 में अग्रिम जमानत मिल गई थी। इसके बाद आरोपी एएसआई उससे रिश्वत मांग रहा था और धमकी दे रहा था कि वह उसकी जमानत रद्द करवा देगा। उसने डरते हुए आरोपी को अलग-अलग तारीखों पर 25 हजार रुपये की रिश्वत दी।
19 जून को आरोपी ने कृपा शंकर से 1500 रुपये की रिश्वत ली और बाद में 10 हजार रुपये और मांगने लगा लेकिन बार-बार गुजारिश करने के बाद वह आठ हजार रुपये में राजी हो गया। इसके बाद कृपा शंकर ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग को दी।
विजिलेंस ने पूरा ट्रैप लगा दिया और बुधवार को पैसे देने का समय तय था। इसके बाद एएसआई ने जैसे ही रिश्वत के पैसे पकड़े तो विजिलेंस ने उसे भरी भीड़ में ही काबू कर लिया। एएसआई काफी मिन्नत करता रहा लेकिन विजिलेंस अधिकारियों ने उसे नहीं छोड़ा और अपने साथ ले गए। विजिलेंस की टीम आरोपी से पूछताछ करने में जुटी है।