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अब भाई-भाभी से करोड़ों की धोखाधड़ी में फंसा अरविंद सिंगला, केस दर्ज

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चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में फरार चल रहे 50 हजार के इनामी आरोपी शराब कारोबारी अरविंद सिंगला समेत चार पर सेक्टर-26 थाना पुलिस ने करोड़ों की धोखाधड़ी के अन्य मामले में केस दर्ज किया है। अरविंद सिंगला पर आरोप है कि उसने दो फर्जी गवाह तैयार कर अपने चचेरे भाई और भाभी का धोखे से हस्ताक्षर लेकर डूबी हुई कंपनी में हुई पार्टनरशिप से खुद बाहर निकल लिया ताकि वह कंपनी की तरफ से करोड़ों रुपये की देनदारी से बच जाए।
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पुलिस को दी शिकायत में श्वेता सिंगला ने बताया कि वह मूलरूप से अंबाला कैंट के रानीबाग निवासी हैं। आरोप है कि उनके पति दीपक सिंगला ने सेक्टर-33 निवासी अपने चचेरे भाई अरविंद सिंगला के साथ अगस्त 2015 को मोबाइल एसेसरीज की बेल इंटरप्राइजेज नाम की एक कंपनी खोली थी, जिसमें 60 प्रतिशत पार्टनरशिप अरविंद सिंगला और 40 प्रतिशत उनके पति की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी अपना सारा सामान गुरुग्राम स्थित बीटेल नामक कंपनी से खरीदना था। इसके चलते उक्त कंपनी को सिक्योरिटी के तौर पर पंजाब नेशनल बैंक का 3 करोड़ रुपये का चेक दिया गया था, जिसके एवज में कंपनी ने 6 करोड़ 37 लाख के मोबाइल मोबाइल एसेसरीज भेजे थे, लेकिन कुछ समय बाद उनकी कंपनी डूबने लगी। दूसरी तरफ, जब बीटेल कंपनी ने सिक्योरिटी के तौर पर जमा 3 करोड़ का चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद कंपनी ने दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट में चेक बाउंस के मामले में केस दायर किया। इसके बाद कोर्ट ने एनआईए 138 के तहत गैर जमानती वारंट निकाल दिया।
दीपक के गोली लगने के बाद धोखे से लिया हस्ताक्षर
शिकायत के अनुसार, जून 2016 में दीपक सिंगला को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई थी। उसे मोहाली के फोर्टिज अस्पताल में भर्ती करवाया गया। आरोप है कि इस दौरान अरविंद सिंगला अस्पताल में दीपक को देखने आता था और उन्हें सांत्वना देता था कि वह उनकी कंपनी को संभाल लेगा, लेकिन इसी बीच उसने चंडीगढ़ से मॉडिफाइड डीड बनवाकर दीपक और उनकी पत्नी श्वेता का धोखे से हस्ताक्षर लेकर खुद की जगह श्वेता को बेल इंटरप्राइजेज कंपनी की पार्टनरशिप दे दी। शिकायत में श्वेता ने बताया कि स्टांप पर लिए गए उसके हस्ताक्षर के साथ दो गवाह तेजिंदर सिंह और रमन पुरी हैं, जिन्हें वह जानती भी नहीं है।
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इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
21 दिसंबर 2020 को मामले की शिकायत सेक्टर 9 स्थित पुलिस मुख्यालय में दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस में कानूनी राय ली। इसके बाद सेक्टर 26 थाना पुलिस ने सेक्टर 33 निवासी अरविंद सिंगला, मोहाली के सेक्टर 71 निवासी तेजिंदर सिंह, सेक्टर 67 निवासी रमन पुरी और मामले में एक अन्य आरोपी विकास के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचना समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
दो मार्च से फरार चल रहा अरविंद सिंगला
सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में 2 मार्च को अरविंद सिंगला पर चंडीगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसके बाद से वह फरार चल रहा है। एसआईटी ने उसे पकड़ने के लिए लुधियाना स्थित उसके ससुराल, सेक्टर 33 स्थित उसके घर समेत अन्य जगहों पर दबिश दी। जब सुराग नहीं मिला तो उस पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया। उधर, गिरफ्तारी से बचने के लिए अरविंद सिंगला ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी, जिसे कुछ समय पहले ही अदालत ने खारिज कर दिया है।
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