चंडीगढ़। नगर निगम से जुड़े 8.22 करोड़ रुपये के कथित फंड ट्रांसफर मामले में आरोपी अनुभव मिश्रा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में दूसरी अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। मोहाली निवासी मिश्रा ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है और उसका किसी अवैध लेनदेन से कोई संबंध नहीं है।
याचिका में मिश्रा ने बताया कि वह एमसी चंडीगढ़ में कॉन्ट्रैक्ट अकाउंटेंट है और एफआईआर की जानकारी उसे बाद में मिली। उसने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारियों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से उसे निशाना बनाया गया। मामले में 11 अप्रैल 2025 को शेल कंपनियों और कैप्को फिनटेक में राशि ट्रांसफर तथा 1 सितंबर 2025 को एक अन्य खाते में रकम भेजने के आरोप हैं जिन्हें मिश्रा ने खारिज किया है। उसने कहा कि नगर निगम में भुगतान के लिए उच्च अधिकारियों के हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं इसलिए वह अकेले कोई ट्रांजेक्शन नहीं कर सकता। मिश्रा ने जांच में सहयोग का भरोसा दिया है।