एसआईटी ने कहा- करोड़ों की संपत्ति के लिए संत जरनैल ने ही रची बाबा दयाल दास की हत्या की साजिशअमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नवंबर 2019 में फरीदकोट के डेरा हर का दास में संत दयाल दास की गोली मारकर हत्या करने के मामले में मुख्य साजिशकर्ता आरोपी संत जरनैल सिंह को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए जरनैल सिंह ने बताया कि वह निर्दोष है और पंजाब पुलिस की जांच में भी उसे क्लीन चिट दी गई थी। अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए एसआईटी ने हाईकोर्ट को बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि संत जरनैल सिंह ने ही संत दयाल दास की ह्त्या की साजिश रची थी। इसके पीछे मकसद डेरे की करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा करना था। मामले में पुलिस अधिकारियों ने रिश्वत लेकर उन्हें क्लीनचिट दी थी और अब उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी विजिलेंस जांच कर रही है। इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि संत जरनैल सिंह का कई नामी गैंगस्टर से नाम भी जुड़ा है और गोली चलाने के आरोपी अमरीक सिंह शेरू व लखविंदर सिंह लक्खा को भी वह पहले से जानते थे। इस मामले में हथियार बरामद किए जा चुके हैं और आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि मामले में आरोपी साढ़े तीन साल तक फरार रहा और जब उसकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगी तब जाकर वह जांच में शामिल हुआ। पांचवी एसआईटी के सामने पेश हुआ, लेकिन वहां भी उसने जांच में सहयोग नहीं किया। मामले में याचिकाकर्ता के गैंगस्टरों से संबंध, गैंगस्टरों को हत्या के लिए भुगतान, हत्या का मकसद आदि को जानने के लिए याची से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।