जालंधर में नॉर्थ एरिया के विधायक बावा हैनरी द्वारा छह सोसाइटियों को दी गई 60 लाख रुपये की सरकारी ग्रांट का निजी तौर पर इस्तेमाल करने के मामले में फरार पूर्व पार्षद सुशील विक्की कालिया के बेटे अंशुमन कालिया ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद थाना 8 की पुलिस ने उसे अपनी कस्टडी में ले लिया। अंशुमन की तलाश में पुलिस ने कई स्थानों पर रेड की थी, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आ सका था।
थाना 8 के एडिशनल प्रभारी सुरिंदर सिंह ने बताया कि कागजी कार्रवाई करके उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। अंशुमन कालिया जमानत के लिए कई बार याचिका भी डाल चुका है लेकिन उसकी बेल मंजूर नहीं की गई थी। इसके बाद उसने खुद ही कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। अंशुमन की जमानत को लेकर उसके पिता सुशील कालिया ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी जिसे खारिज कर दिया गया था। सुशील कालिया बेटे की जमानत याचिका रद्द होने के बाद से डिप्रेशन में थे। इसके बाद सुशील कालिया ने जहर निगल लिया था। उसकी इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी। मौत से पहले सुशील कालिया ने सुसाइड नोट में पूर्व भाजपा विधायक केडी भंडारी सहित कई नाम लिखे थे, जिनके खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। वहीं इस मामले में लेकर अंशुमन काफी समय से फरार चल रहा था।