चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं को विभिन्न सुविधाएं मुफ्त में देने का ऐलान करना प्रत्याशियों को महंगा पड़ सकता है। चुनाव आयोग उम्मीदवारों द्वारा की गई ऐसी घोषणाओं को उनके चुनाव खर्च में जुड़ेगा। यह जानकारी चंडीगढ़ में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने दी।
मीडिया से बातचीत के दौरान यह पूछे जाने पर कि पंजाब में राजनीतिक दलों द्वारा जनता को अगले चुनाव के मद्देनजर बिजली पानी समेत कई तरह की सुविधाएं देने का एलान किया जा रहा है तो क्या यह एलान मतदाताओं को लालच देने की श्रेणी में नहीं आते? मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि अभी पंजाब में चुनाव आचार संहिता लागू नहीं हुई है और उम्मीदवारों के नाम का एलान भी नहीं हुआ है।
जैसे ही उम्मीदवारों का एलान होगा और वह अपने प्रचार के दौरान अगर मतदाताओं को कोई भी सुविधा मुफ्त में देने की घोषणा करेंगे तो इस संबंध में सारा खर्च उम्मीदवार के चुनाव खर्च में जोड़ दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं को किसी भी तरह का प्रलोभन और मुफ्त में सुविधाएं देने का एलान चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा वोटर कार्ड को आधार कार्ड से लिंक किए जाने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से इसे कानून बना दिए जाने के बाद पंजाब में से लागू करने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में प्रस्ताव भारतीय चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार को भेजा था, जिस पर बुधवार को संसद में मंजूरी दे दी गई।