पंजाब में प्रापर्टी टैक्स का विरोध और सरकार द्वारा इस बारे में लोगों की राय लिए जाने की घोषणा के अगले ही दिन स्थानीय निकायमंत्री अनिल जोशी ने साफ कर दिया है कि राज्य में प्रापर्टी टैक्स लागू रहेगा।
जोशी के इस ऐलान के साथ ही, प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले अमृतसर में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा चुनावी रैलियों में जनता से किए प्रापर्टी टैक्स माफी के वादे पर भी पानी फिर गया है।
टैक्स को बनाया जाएगा पब्लिक फ्रेंडली
अनिल जोशी ने कहा कि सूबे में प्रापर्टी टैक्स हर हालत में लगा रहेगा। इसे हटाया नहीं जाएगा। इतना जरूर है कि प्रापर्टी टैक्स पर लोगों से विचार लिए जा रहे हैं। टैक्स लोगों का फ्रैंडली बने, ऐसे कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आम लोगों और व्यापारियों से सुझाव लेने के बाद इसमें संशोधन की गुंजाइश जरूर है। यह सब कुछ 15 दिन के अंदर हो जाएगा।
अनिल जोशी वीरवार को जालंधर में नगर निगम के अधिकारियों के अलावा भाजपा जिला प्रधान, मेयर, शिअद प्रधान, सीपीएस केडी भंडारी, जिला शिअद प्रधान गुरचरण सिंह चन्नी के साथ मीटिंग में हिस्सा लेने आए थे।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में स्वीकार किया कि प्रदेश में भाजपा व शिअद के प्रति लोगों की नाराजगी का कारण प्रापर्टी टैक्स भी था।
पचास फीसदी जनता दे चुकी है टैक्स
अमृतसर में अरुण जेटली द्वारा एनडीए की सरकार बनने के बाद प्रापर्टी टैक्स माफी की घोषणा की गई थी। इसके साथ ही शिअद व भाजपा की तरफ से प्रापर्टी टैक्स की माफी के विज्ञापन भी छापे गए थे।
इस पर जोशी ने साफ कर दिया कि प्रापर्टी टैक्स किसी भी हालत में माफ नहीं होगा। सूबे की आधी जनता टैक्स दे चुकी है, इसे अब माफ नहीं किया जा सकता।
फिर जेटली ने क्यों घोषणा की? इस बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा कि पहले भी हाउस टैक्स चलता था, अब प्रापर्टी टैक्स है, जो वापस नहीं हो सकता।