अमृतसर की एक विशेष अदालत ने एनडीपीएस एक्ट मामले में लखनपाल सिंह उर्फ लव और नवल सूद को 12-12 साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों को 1.20 लाख रुपये जुर्माना भी चुकाना होगा। अदालत ने सिमरपाल सिंह उर्फ काका को भगोड़ा घोषित किया है। वहीं सबूत के अभाव में तीन आरोपियों को रिहा कर दिया है। हकीमां गेट थाने की पुलिस ने 28 मार्च 2020 को एनडीपीएस का केस दर्ज करने के बाद चार लाख ट्रॉमाडोल (नशीली) गोलियां बरामद कर कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
तत्कालीन सीआईए स्टाफ के इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह 28 मार्च 2020 को भगतांवाला रेलवे क्रासिंग के पास मौजूद थे। उन्हें सूचना मिली थी कि नवल सूद और लखनपाल सिंह उर्फ मुकेश यादव नशे की गोलियों का कारोबार करते हैं। यह भी सूचना मिली कि उक्त लोगों ने भगतांवाला स्थित गोल्डन दीप इंटरप्राइजेज (किंग ट्रांसपोर्ट) ट्रोमाडोल गोलियों की खेप मंगवाई है। सीआईए स्टाफ के प्रभारी ने तुरंत इस बाबत हकीमां गेट थाने में संदेश भेजा और सहायक कमिश्नर (डिटेक्टिव) पलविंदर सिंह के साथ सूचना साझा की।
इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह ने पुलिस पार्टी के साथ दीप इंटरप्राइजेज में दबिश दी। तलाशी में गोदाम से पुलिस को गोलियों के आठ बाक्स मिले। इसके बाद 30 मार्च 2020 को ट्रांसपोर्ट मालिक हरमिंदर सिंह को समन किया गया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी नवल सूद ने 25 अप्रैल 2020 को बिल्टी नंबर 21337 के जरिये दिल्ली की मिराज फार्मास्युटिकल कंपनी से 15 पार्सल मंगवाए थे। ट्रांसपोर्ट मालिक ने पुलिस को यह भी बताया कि नवल सूद ने 26 अप्रैल को उनके मोबाइल पर फोन करके दिल्ली से मेडिसन बुक करवाने की बात कही और उनके व्हाट्सएप पर जेएमडी फार्मा का बिल भी भेजा।
हकीमां गेट थाने की पुलिस ने सिमरपाल सिंह उर्फ सिम्मू निवासी रिशी विहार मजीठा रोड, कौशल भाटिया निवासी न्यू नेहरू कॉलोनी, अमरजीत सिंह उर्फ काका निवासी संधू कालोनी, लखनपाल भाटिया उर्फ लव उर्फ मुकेश यादव निवासी न्यू नेहरू कॉलोनी, नवल सूद निवासी धारीवाल (गुरदासपुर) और रतन सिंह उर्फ मंगा निवासी नवीं आबादी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्जकर कुल चार लाख ट्रॉमाडोल गोलियां बरामद की थी। स्पेशल कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद नवल सूद और लखनपाल भाटिया को 12-12 साल की कैद और 1.20 लाख रुपये (प्रत्येक को) जुर्माने की सजा सुनाई।