रात को नौ बजकर 40 मिनट पर डोर बेल बजी तो पिता गुरनाम सिंह ने गेट खोला। बाहर पपलप्रीत के साथ एक और व्यक्ति था, जो बाद में अमृतपाल निकला। अमृतपाल ने कपड़े बदल लिए थे और पगड़ी पहन रखी थी।
उधर, इस मामले के खुलासे के बाद पंजाब पुलिस की एक टीम उसी दिन से शाहाबाद में डेरा डाले हुए है। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया ने भी माना कि पंजाब पुलिस अभी भी क्षेत्र में मौजूद है और निगरानी रखे हुए है और लगातार कुरुक्षेत्र पुलिस के संपर्क में है।
एसपी एसएस भौरिया का कहना है कि पंजाब पुलिस को हर संभव सहयोग किया जा रहा है। दूसरी ओर, सोमवार को बलजीत कौर की रिमांड अवधि खत्म हो जाएगी। उसकी जमानत कराने के लिए परिजनों ने तैयारी शुरू कर दी है। वे भी यहां से सोमवार को पंजाब के लिए रवाना होंगे।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस चौकस, आपकी हर पोस्ट पर नजर
इसके अलावा, खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के मामले में सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने वाले लोगों पर भी पंजाब पुलिस चौबीस घंटे नजर रख रही है। प्रत्येक पोस्ट को तीखी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद जहां 100 से अधिक ट्वीटर अकाउंट भारत में सस्पेंड किए गए हैं, इसमें कई लोग शमिल हैं।
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वहीं, पुलिस ने करीब 950 सोशल मीडिया पर अपलोड की गई पोस्टों को हटाया है। जबकि कुछ फेसबुक पेज ब्लॉक किए गए हैं। पुलिस ने साफ किया है कि किसी को भी नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पंजाब पुलिस के स्टेट साइबर सेल में सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए कई टीमें गठित की हैं।
वीडियो, ऑडियो, ट्वीटर, फेसबुक समेत कई अन्य मंचों पर नजर
सभी टीमों को क्रमवार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसमें वीडियो, आडियो, ट्वीटर, फेसबुक समेत कई अन्य मंचों पर नजर रखी जा रही है। जैसे ही कोई भ्रामक जानकारी टीम को मिलती है तो टीम पहले उच्च अधिकारियों के ध्यान में लाती है। इसके बाद पहल के आधार पर उस कंटेंट को वहां से हटाया जाता है। अगर पेज ब्लॉक तक करना पड़ता है तो वह भी किया जाता है। इसके अलावा जो फर्जी जानकारी होती है। उसे पुलिस द्वारा अपने पेज के माध्यम से फेक न्यूज या जानकारी लिखकर अपलोड की जाती है।
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