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पीजीआई की इमरजेंसी में खुलेगी अमृत फार्मेसी, सस्ती दर पर मिलेंगी दवाएं

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चंडीगढ़। पीजीआई की इमरजेंसी में जल्द ही मरीजों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध होंगी। पीजीआई प्रशासन ने इसके लिए इमरजेंसी में अमृत फार्मेसी संचालित करने का निर्णय लिया है। स्टेट कमेटी की बैठक में इसके निर्देश मिलने के बाद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इंजीनियरिंग विभाग इमरजेंसी में अमृत फार्मेसी की दुकान के लिए स्थान की तलाशने में जुट गया है। गौरतलब है कि पीजीआई की इमरजेंसी में प्रतिदिन 400 से 500 मरीज रेफर होकर आते हैं। इनमें चंडीगढ़ के अलावा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा होती है।
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पीजीआई की इमरजेंसी में फिलहाल एक निजी दवा की दुकान संचालित की जा रही है। उस दुकान का एक महीने का किराया एक करोड़ से ज्यादा है। ऐसे में वहां मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध होने की बात सोची भी नहीं जा सकती। इस दुकान पर महंगी दवाएं बेचने से संबंधित अनगिनत शिकायतें आ चुकी हैं। तमाम कार्रवाई और सुधार के प्रयास के बावजूद स्थिति जस की तस है। ऐसे में अब प्रशासन ने मरीजों को राहत देने के लिए अलग उपाय तलाशा है।
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मरीज 15 हजार और जन औषधि केंद्र महज दो
सामान्य दिनों में पीजीआई की ओपीडी 14 हजार से 15 हजार तक होती है। इन मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने के लिए पीजीआई में मौजूदा समय में महज दो जन औषधि केंद्र का संचालन किया जा रहा है। एक न्यू ओपीडी में है और दूसरा गोल मार्केट में। गोल मार्केट की दुकान को तो बंद करने की तैयारी तक कर ली गई थी, जिसे बड़ी मशक्कत के बाद बंद होने से बचाया गया। वहीं ओपीडी की एकमात्र जन औषधि केंद्र पर सस्ती दवा लेने वालों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। ओपीडी की मरीजों की सहूलियत के लिए पीजीआई प्रशासन ने कुछ दिनों पहले ही वहां अमृत फार्मेसी का संचालन शुरू करवाया है। अब सबकी निगाहें इमरजेंसी पर टीकी हैं।
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इनसेट-
जनता की मांग, जल्द खुले सस्ती दुकान
पीजीआई की इमरजेंसी में जिस स्थिति में परिजन मरीज को लेकर पहुंचते हैं, उसमें वे दवा की कीमत के बारे में नहीं सोचते लेकिन उनके साथ खुलेआम ठगी की जा रही है। पीजीआई की प्रत्येक यूनिट में जन औषधि और अमृत फार्मेसी होनी चाहिए।
-अनुराग पांडे, धनास
सस्ते इलाज की उम्मीद में लोग पीजीआई आते हैं लेकिन उन्हें दवाओं के दोगुने से भी ज्यादा दाम चुकाने पड़ते हैं। निजी दवा की दुकान वाले मरीजों को ठग रहे हैं। इस पर रोक लगना चाहिए।
-रवि पाण्डेय, बलटाना
कोट
इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए दवा की दुकान का कोई और विकल्प नहीं है इसलिए मरीजों को राहत देने के उद्देश्य से यहां अमृत फार्मेसी संचालित करने का निर्णय लिया गया है। दुकान के लिए इंजीनियरिंग विभाग स्थान का चयन कर रही है। जल्द ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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-कुमार गौरव, डीडीए पीजीआई
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