सड़क मार्ग से भी आना चाहते थे लेकिन वहां पर भी बारिश की संभावना के चलते दो घंटे का समय लगता। इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनसे फोन पर ही रैली को संबोधित करने के लिए कहा। शाह ने कार्यकर्ताओं से क्षमा याचना करते हुए कहा कि वह भविष्य में गोहाना जरूर आएंगे और कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे।
उम्मीद के मुताबिक नहीं जुटी भीड़
अमित शाह की रैली के लिए भाजपा ने गोहाना में पूरी ताकत झोंक रखी थी। हालांकि, भाजपा की उम्मीद के मुताबिक रैली में भीड़ नहीं जुट पाई। मौसम खराब होने और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते पंडाल में उतने लोग नहीं पहुंच पाए, जितना कि अनुमान था। इसके अलावा, मौसम के अनुरूप तैयारियां नहीं करने के चलते भी भीड़ कम जुटी। नेताओं के बैठने की जगह पर तो टेंट लगे थे लेकिन आम जनता बारिश में भीगती रही। इसलिए बूंदाबांदी के बीच कुछ लोग निकल गए।
झलकियां
- प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ के मोबाइल पर आया अमित शाह का फोन
- अमित शाह की खाली कुर्सी पर गलती से बैठे धनखड़, सीएम ने दूसरी पर बैठाया, शाह की सीट रखी खाली
- सुरक्षा कड़ी रही, पंडाल में जाने वालों को मेटर डिटेक्टर समेत पांच चरण की जांच से गुजरना पड़ा
- काले कपड़े पहने हुए लोगों को नहीं जाने दिया अंदर, टोपी, बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू बाहर रखवाई