हरियाणा के किसी कार्यरत आईएएस अफसर को राइट टू सर्विस कमीशन का मुख्य आयुक्त लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए राइट टू सर्विस कानून में संशोधन होगा।
यह संशोधन विधेयक के जरिए विधानसभा के बजट सत्र में लाया जाएगा। इसके कारण सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य सचिव कृष्ण मोहन की नियुक्ति मुश्किल में फंस सकती है। पहले उन्हें नियुक्त करने की चर्चा चल रही थी।
गोहाना रैली में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने घोषणा की थी कि अफसरों की जवाबदेही के लिए कानून बनाएंगे। उसके बाद मंत्रिमंडल की बैठक में अध्यादेश को मंजूरी भी दे दी।
अध्यादेश में प्रावधान किया गया था कि मुख्य आयुक्त के पद पर सेवानिवृत्त मुख्य सचिव या मुख्य सचिव के स्केल के अफसर को तैनात किया जा सकेगा। तब यह चर्चा जोर से चली थी कि अतिरिक्त मुख्य सचिव रिटायर हुए कृष्ण मोहन को मुख्य आयुक्त के पद पर नियुक्ति दी जा सकती है।
अब सरकार ने कानून में संशोधन करने का फैसला किया है। अब मुख्य आयुक्त पद पर सेवानिवृत्त के साथ-साथ मुख्य सचिव स्केल में कार्यरत किसी अफसर को भी नियुक्त किया जा सकेगा। मुख्य सचिव एससी चौधरी ने बताया कि यह संशोधन बजट सत्र में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा।