केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह।
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अगले महीने अपनी नई राजनीतिक पार्टी का एलान करेंगे। इन दिनों वह पार्टी के गठन की तैयारियों में जुटे हैं। भविष्य में उनका कौन सहयोगी होगा, इसका भी खुलासा उन्होंने कर दिया है। कैप्टन को भाजपा के साथ गठबंधन से गुरेज नहीं है लेकिन कांग्रेस उन्होंने कुबूल नहीं है। भाजपा के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह की नई राजनीतिक पार्टी का गठबंधन सशर्त होगा। कैप्टन की यह शर्त क्या है, इसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने फेसबुक पेज पर दी है।
किसानों की समस्या हल के बाद ही गठबंधन की पहल
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए किसानों का मुद्दा बेहद अहम हैं। इनके समाधान के बगैर वह भाजपा से नाता नहीं जोड़ेंगे। अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर कैप्टन ने लिखा कि केंद्र सरकार को पहले किसानों के समस्याओं का समाधान करना चाहिए, इसके बाद भारतीय जनता पार्टी से किसी भी राजनीतिक समझौते पर चर्चा की जाएगी। पंजाब में भाजपा को एक कद्दावर नेता की तलाश है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि कैप्टन को अपने साथ लाने से पहले भाजपा को किसानों का मुद्दा हल करना होगा।
नाराज नेता बनेंगे कैप्टन के सिपाही
सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब में अपनी सियासी फौज खड़ी करेंगे। कैप्टन की इस फौज का हिस्सा दूसरे दलों के नाराज नेता बनेंगे। कहा जा रहा है कि पंजाब कांग्रेस के कई नेता कैप्टन की पार्टी का हिस्सा बन सकते हैं। विधानसभा टिकट बंटवारे के दौरान पंजाब कांग्रेस में असंतोष पनपने की आशंका है। अगर ऐसा होता है तो अमरिंदर सिंह इस अवसर को भुनाने की कोशिश जरूर करेंगे। वहीं शिअद से नाराज टकसाली नेताओं पर भी कैप्टन का फोकस है। हाल ही में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह दावा किया था कि कई विधायक उनके संपर्क हैं।