वीसी ने कहा कि जब छात्र-छात्राओं को बेहतर करने पर सम्मान मिलता है तो उनका हौंसला बढ़ता है। बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ती और वह आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर छात्र-छात्राओं व अन्य लोगों के हितों के लिए इस तरह के कार्यक्रम होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे अपने अंदर इस बात को लेकर कभी हीन भावना न लाएं कि वह छोटे शहर से हैं या सरकारी स्कूल में पढ़े हैं।
अनुशासन और जज्बे को कायम रखते हुए लक्ष्य प्राप्त करें। अपना लक्ष्य निर्धारित करके मेहनत और लगन से पढ़ाई करने पर सफलता अवश्य मिलती है। नगर निगम के कमिश्नर मुनीष नागपाल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का हौंसला मिलता है। साथ ही दूसरे बच्चों की भी शिक्षा के प्रति ललक बढ़ेगी।
जीवन में अनुशासन आगे बढ़ने की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन के लिए बहुत सारे प्रश्न पत्र हल करने होते हैं लेकिन कठिन परीक्षा का डर दिमाग से निकाल दें। असफलता ही आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देती है। अपनी कमियां और ताकत पहचान कर आगे बढ़े।
तभी जीवन में सफल हो सकते हैं। कार्यक्रम में स्कूल की प्रिसिंपल किरण दलाल ने कहा कि विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य तय आगे बढ़ना चाहिए। इससे वह अपनी मंजिल तक आसानी से पहुंच सकते हैं। इस दौरान ब्राइट स्कॉलर स्कूल के संरक्षक दिलीप पंवार, सामाजिक कार्यकर्ता रमेश बजाज, डॉ प्रवेश गहलोत मौजूद रहे।