डॉ. गुंजन का कहना है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य की तुलना में कम होती है। संक्रमण के कारण उनकी स्थिति बिगड़ने का खतरा रहता है ऐसे में टीके का सुरक्षा चक्र उन बच्चों के संक्रमित होने पर भी उन्हें संक्रमण की गंभीरता से सुरक्षा देने में सहायक साबित हो रहा है इसलिए अभिभावक डर और भ्रम को दरकिनार कर जल्द से जल्द अपने बच्चों को टीका लगवाएं।
पल्स पोलियो अभियान में लगातार नंबर वन
डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान में चंडीगढ़ लगातार लक्ष्य से आगे बढ़कर परिणाम हासिल कर रहा है। अभियान के दौरान रात में चिह्नित किए गए क्षेत्रों में जाकर बच्चों को खुराक देने का क्रम जारी है। इसके साथ ही टीकाकरण में लगे कर्मचारी अपने क्षेत्र की सूची के अनुसार बच्चों को चिह्नित कर उनको खुराक देते हैं जिससे बच्चों के छूटने की आशंका नहीं रहती। नियमित टीकाकरण अभियान के दौरान भी इसी तकनीक का प्रयोग किया जाता है।
कोविड में नियमित टीकाकरण की रफ्तार ऐसी रही
- वर्ष नियमित टीकाकरण एंटीनेटल टीकाकरण (गर्भवती महिलाओं का)
- 2020-21 86.89 प्रतिशत 81 प्रतिशत
- 2021-22 80 प्रतिशत 69 प्रतिशत
पोलियो का परिणाम
- वर्ष लक्ष्य परिणाम प्रतिशत
- 2020 92911 102749 110.58 प्रतिशत
- 2021 90035 95019 105.53 प्रतिशत
- 2022 92619 97543 105.31 प्रतिशत
कोरोना जैसी महामारी के दौरान भी अगर नियमित टीकाकरण अभियान बिना बाधा के संचालित की जा रही है तो इसका श्रेय हमारे स्वास्थ्यकर्मियों और टीम को जाता है। उनकी मेहनत के कारण ही नियमित टीकाकरण के साथ कोरोना टीकाकरण को भी सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। -डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य