फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में ग्रामीण सीटों पर किसानों की नजर: आम आदमी पार्टी से गठजोड़ की तैयारी, बदल सकते हैं आप के उम्मीदवार

Mon, 03 Jan 2022 03:21 PM IST
निवेदिता वर्मा अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

आम आदमी पार्टी अब तक 117 सीटों में से 101 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। इनमें 10 मौजूदा विधायकों को भी टिकट दी गई है। साथ ही सूबे के प्रसिद्ध चेहरे पूर्व अधिकारी और पंजाबी गायकों को भी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है।
विज्ञापन
किसानों और आम आदमी पार्टी के बीच हो सकता है गठजोड़। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसान आंदोलन समाप्त होने के बाद पंजाब की सियासत में आने वाले किसानों की नजर ग्रामीण सीटों पर लगी है। यदि आम आदमी पार्टी (आप) के साथ किसानों का गठजोड़ होता है तो सियासत के समीकरणों में बड़ा बदलाव आएगा। आप के घोषित किए गए उम्मीदवारों के चेहरे भी बदल सकते हैं। संयुक्त समाज मोर्चा के किसान नेता बलबीर राजेवाल ने भी ऐसे संकेत दिए हैं।
विज्ञापन


2022 के विधानसभा चुनाव में पहली बार किस्मत आजमाने जा रहे किसान बड़े फेरबदल की तैयारी कर रहे हैं। संयुक्त समाज मोर्चा के नेता बलबीर राजेवाल ने संकेत दिए है कि यदि उनका आम आदमी पार्टी से गठजोड़ होता है तो पार्टी के अब तक घोषित किए गए उम्मीदवारों को बदल दिया जाएगा। राजेवाल ने दावा किया है कि आप के नेताओं ने उनसे कहा है कि यदि वे पार्टी के साथ जाते हैं तो वे अब तक घोषित किए गए उम्मीदवारों को बदल सकते हैं। पंजाब में 22 किसान संगठन चुनाव लड़ रहे हैं, जिनका चुनावी चेहरा बलबीर राजेवाल हैं। 

आप 101 उम्मीदवार कर चुकी है घोषित

आम आदमी पार्टी अब तक 117 सीटों में से 101 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। इनमें 10 मौजूदा विधायकों को भी टिकट दी गई है। साथ ही सूबे के प्रसिद्ध चेहरे पूर्व अधिकारी और पंजाबी गायकों को भी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। अब सिर्फ 16 सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने बाकी हैं। ऐसे में अगर किसानों के लिए आप कहीं से उम्मीदवारों को हटाती है तो फिर पार्टी में बड़ी कलह हो सकती है।

आजाद लड़ना चाहते हैं किसान 

किसान और आप के बीच होने वाले चुनावी गठजोड़ पर अभी एक पेंच फंसा हुआ है। किसान नेता आम आदमी पार्टी के चुनाव चिह्न झाड़ू पर चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। वह आजाद उम्मीदवार के तहत ही चुनाव मैदान में उतरना चाहते हैं। वहीं आप के नेता चाहते हैं कि किसान नेता उनके चुनाव निशान झाड़ू पर चुनाव लड़ें, ताकि जीत के बाद पार्टी न बदल सकें और वह दल बदल कानून के तहत आ जाएं।

कांग्रेस, शिअद और कैप्टन को होगा नुकसान

पंजाब की सियासत में यदि किसान उतरते हैं तो सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस, शिअद और कैप्टन को होगा। इसकी बड़ी वजह यह है कि इन तीनों दलों का सूबे के किसानी बहुल्य क्षेत्रों में ज्यादा दखल रहा है। राज्य की 75 प्रतिशत आबादी खेती-किसानी से जुड़ी है। 50 से अधिक सीटों पर किसानों का पूर्ण प्रभाव रहा है। यदि किसान और आप का गठजोड़ होता है तो इन दलों के लिए मुश्किलें जरूर खड़ी होंगी।

किसानों के संभावित उम्मीदवारों की सूची आम आदमी पार्टी ने मांगी है, लेकिन अभी तक आप को सूची दी नहीं गई है। जल्द ही इस पर फैसला किया जाएगा। - बलबीर राजेवाल, किसान नेता, संयुक्त समाज मोर्चा, पंजाब

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें