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Chandigarh News: महिला एवं बाल विकास विभाग की तीनों यूनियन लामबंद, आंदोलन का रोडमैप तैयार

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जनवरी में निदेशालय के बाहर किया जाएगा धरना प्रदर्शन
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चंडीगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने मांगों की अनदेखी के खिलाफ लामबंद होकर संघर्ष का ऐलान किया है। जनवरी में विभाग के पंचकूला निदेशालय पर धरना प्रदर्शन होगा। धरना-प्रदर्शन में आईसीडीएस ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा, सुपरवाइजर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा एवं मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन हरियाणा से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल होंगे। इसकी तैयारियों के लिए तीनों एसोसिएशन मिलकर ज़ोनल वाइज बैठकें कर रही हैं। संयुक्त बैठक में फैसला लिया कि यदि विभाग व सरकार की ओर से समय रहते मांगों को नहीं माना गया तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन होगा। यह जानकारी आईसीडीएस ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन की राज्य प्रधान सबिता, आईसी डीएस सुपरवाइजर्स वेलफेयर एसोसिएशन की प्रधान सुशीला सिहाग एवं मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन डब्ल्यूसीडी राज्य प्रधान प्रवीण मोर ने संयुक्त रूप से दी। उन्होंने कहा कि तीनों यूनियन की मांगों पर संयुक्त मांग पत्र विभाग को भेजा जा चुका है। इससे पहले भी तीनों एसोसिएशन लंबे समय से विभाग को अपनी मांगों के बारे में कई बार ज्ञापन दे चुकी हैं, लेकिन विभाग व सरकार की ओर से कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। उल्टा विभाग की अधिकारियों को निलंबित किया जा रहा है।
एसोसिएशन प्रधान सबिता मलिक ने कहा कि महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं सुपरवाइजरों का प्रारंभिक वेतनमान एक बराबर है। विभाग के अधिकारियों से बार-बार बात होने के बावजूद भी एसोसिएशन की ओर से सुझाए गए ग्रेड को अनुमोदित करके सरकार के पास नहीं भेजा जा रहा है। ऑनलाइन स्थानांतरण के नाम पर विभाग की ओर से किसी भी कर्मचारी व अधिकारी का स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है।
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एक अधिकारी के पास पांच चार्ज
एसोसिएशन का कहना है कि विभाग में रिक्त पदों को भी नहीं भरा जा रहा है, इससे एक-एक सुपरवाइजर के पास पांच-पांच सर्कलों का, एक महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों के पास छह-छह खंडों का कार्य आ जाता है। इसी तरह सहायकों को भी दो या तीन खंडों का कार्य करना पड़ रहा है। पलवल में 45 सुपरवाइजरों के पदों पर केवल आठ, नूंह में 45 पदों पर 15, सिरसा में 54 पदों के विरुद्ध केवल 20 सुपरवाइजर काम कर रही हैं। सिरसा और पलवल में लंबे समय से केवल एक-एक महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी काम कर रही है, जिनके पास सभी खंडों का चार्ज है। उन्होंने कहा कि नूंह के पून्हाना व नगीना खंड में एक भी सुपरवाइजर नहीं है। विभाग की ओर से रेवाड़ी की सुपरवाइजरों को पुन्हाना खंड का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
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