खुले में कचरा जलाने वालों पर सख्ती बरतें उपायुक्त
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष डॉ. एमएम कुट्टी की अध्यक्षता में एक वर्चुअल समीक्षा बैठक में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बोर्ड के अध्यक्ष राघवेंद्र राव ने उपायुक्तों को खुले में कचरा जलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। दरअसल, हरियाणा के कई शहरों में कचरा जलाने की शिकायत मिल रही हैं। वायु प्रदूषण में खुले में जलाए गए कचरे का भी काफी योगदान रहता है। वहीं, खनन और उत्खनन गतिविधियों की भी निगरानी करने का निर्देश दिया है।
पंजाब में 12 हजार से ज्यादा, हरियाणा में सिर्फ 1372 जली पराली
हरियाणा में इस बार पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है। पिछले साल की तुलना में 2023 में पराली जलाने की घटनाओं में 38 फीसदी की कमी आई। वहीं, वर्ष 2021 की तुलना में 2023 में पराली जलाने की घटनाओं में 57 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
पंजाब में इस साल अब तक 12813 पराली जलाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं, हरियाणा में 1372 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि शुरुआती दिनों में हरियाणा में भी पराली जलाने के मामले बढ़े थे, मगर हरियाणा सरकार के प्रयासों और सख्त निगरानी की वजह से इसमें कमी आई है।
939 चालान, 25.12 जुर्माना वसूला, दो डीसी की तारीफ
खेतों में आग लगाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हरियाणा सरकार कड़ी कार्रवाई कर रही है। अब तक 939 किसानों के चालान किए गए हैं और 25.12 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। खेतों की आग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करने के साथ ही दोषी अधिकारियों को निलंबित करने का भी कार्य किया गया है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष डॉ. एमएम कुट्टी ने पिछले वर्ष की तुलना में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं में 60 प्रतिशत से अधिक की कमी हासिल करने के लिए करनाल और कैथल के उपायुक्तों की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेतों में पराली जलाने को नियंत्रित करने में हरियाणा ने बेहतर कार्य किया है लेकिन वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार के लिए आगामी त्योहारी सीजन के दौरान कड़ी निगरानी और कड़े उपायों करने की आवश्यकता है।
सड़क से लगते पार्क में एक्सरसाइज न करें
पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो. रविंद्रा खैवाल ने बताया कि एक्यूआई का लगातार गंभीर बने रहना स्वास्थ्य के लिए ज्यादा खतरनाक है। ऐसे में लोगों को खुद से बचाव करना होगा। जिनकी सर्जरी हुई या बीमार है, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्गों को बाहर नहीं निकलना चाहिए। यदि बाहर निकलना ही तो जिस समय ज्यादा ट्रैफिक होता है, उस दौरान न निकलें। सड़क से लगते पार्क और सड़क पर एक्सरसाइज न करें। घरों के आसपास पानी का छिड़काव करें।
इसलिए नहीं मिल रही राहत
प्रदूषण के कणों को हटाने के लिए बारिश व तेज हवा का चलना जरूरी है। मानसून की विदाई के बाद पश्चिमी विक्षोभ बारिश लाने का काम करते हैं, मगर पिछले 20 दिन से कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया है। इस बीच दो विक्षोभ आए लेकिन उनकी तीव्रता काफी कम थी। उल्टा हवा की गति भी कमजोर कर गए। जब तक हवा की गति में परिवर्तन और बारिश नहीं होती, तब तक प्रदूषण से राहत मिलने के आसार नहीं है।
किस जिले का कितना प्रदूषण
| फरीदाबाद |
460 |
| हिसार |
456 |
| जींद |
447 |
| फतेहाबाद |
432 |
| रोहतक |
424 |
| सोनीपत |
455 |
| बहादुरगढ़ |
404 |
| बल्लभगढ़ |
398 |
| मानेसर |
372 |
| गुरुग्राम |
367 |
| कैथल |
361 |
| पलवल |
339 |
| करनाल |
312 |
| कुरुक्षेत्र |
321 |
| भिवानी |
313 |
| नारनौल |
286 |
| सिरसा |
236 |
| यमुनानगर |
250 |
| अंबाला |
218 |
| चरखी दादरी |
257 |