पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा।
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पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाले विजिलेंस के एआईजी मनमोहन कुमार अपने काम के लिए जाने जाते हैं। कई अहम घोटालों की जांच उनकी अगुवाई वाली टीम ने की है। इसमें वन घोटाले से लेकर एआईजी आशीष कपूर तक का मामला शामिल है। उनका कहना है कि जब उन्होंने सुंदर शाम अरोड़ा को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया तो लोगों ने कई तरह के सवाल उठाए लेकिन मेरा मानना है किसी न किसी को तो पहल करनी होगी। इसलिए मैंने अपना काम निष्ठा से किया। इसी तरह आशीष कपूर के केस में भी कहा जा रहा था लेकिन मैंने मेरिट पर काम किया था।
एआईजी मनमोहन कुमार ने कहा कि इसे राजनीति से प्रेरित मामला बताया जा रहा था। ऐसी कोई बात नहीं है। आईएएस संजय पोपली और ईओ गिरीश वर्मा का केस भी एक उदाहरण है। इन लोगों पर कोई हाथ नहीं डाल रहा था लेकिन मैंने प्रयास किया है। एआईजी ने कहा कि उन्हें कई लोगों के फोन आ रहे हैं, लोग उनके काम को सराह रहे हैं। एआईजी मनमोहन कुमार ने कहा कि आज तक के कॅरिअर में यह पहला मौका है जब कोई इस तरह पैसे लेकर मेरे पास पहुंचा है। किसी ने इतनी हिम्मत नहीं दिखाई।
घर में भी हुई छीनबीन, कागजात लिए कब्जे में
उधर, विजिलेंस की एक टीम ने डीएसपी मनीष शर्मा की अगुवाई में सुंदर शाम अरोड़ा के होशियारपुर स्थित निवास पर दबिश दी। सूत्रों के मुताबिक रविवार दोपहर विजिलेंस की टीम दलबल समेत अरोड़ा के निवास पर पहुंची। इस दौरान अरोड़ा के निवास की तलाशी ली गई और कुछ कागजात भी कब्जे में लिया। बताया जाता है कि टीम को कुछ खास हासिल नहीं हो पाया। इस संबंध में टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी मनीष शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कुछ देर में इस बारे में बात करने को कहा और उसके बाद काफी देर तक प्रयास किए जाने के बावजूद उनका फोन मिल नहीं पाया?