कनिष्ठ अधिकारियों के लिए आनलाइन तबादला पाॅलिसी, वरिष्ठ अधिकारियों के लिए मैनुअली
एक विभाग में दो तबादला पालिसी होने से कनिष्ठ अधिकारियों में रोष, सरकार तक पहुंचाएंगे मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने खजाना एवं लेखा विभाग के 91 अनुभाग अधिकारियों (एसओ) के तबादलों के बाद अब 98 लेखा अधिकारियों के ऑनलाइन तबादले किए हैं। लंबे समय से एक ही जिले और एक ही सीट पर जमे अधिकारियों को अब दूसरे जिले और विभाग आवंटित किए गए हैं। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने तबादला एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।
गौरतलब है कि खजाना एवं लेखा विभाग में इससे पहले तमाम कनिष्ठ और वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले मैनुअली होते थे। सिफारिश और मिलीभगत के चलते लेखा अधिकारी एक ही सीट पर कई-कई साल रहते थे। पिछले साल शिक्षा विभाग में भी इस तरह की मिलीभगत के चलते गड़बड़ी के मामले सामने आए थे। हरियाणा सरकार ने इस पर संज्ञान लेते हुए पिछले साल ऑनलाइन तबादला नीति बनाई थी। इस नीति में एसओ और लेखा अधिकारियों के तबादले तो ऑनलाइन किए गए, जबकि वरिष्ठ लेखा अधिकारी और मुख्य लेखा अधिकारियों के तबादले आज भी मैनुअली तरीके से हो रहे हैं। एक ही कैडर होने के बावजूद इन दोनों पदों के अधिकारियों को ऑनलाइन पालिसी से बाहर रखा गया है। इसको लेकर अब कनिष्ठ अधिकारियों में रोष बढ़ रहा है। कनिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि एक ही विभाग में दो अलग-अलग पाॅलिसी कैसे हो सकती हैं। कनिष्ठ अधिकारी एकजुट होकर अब यह मामला मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने रखने की तैयारी कर रहे हैं।
वरिष्ठ और मुख्य लेखा अधिकारियों के तबादले नहीं किए
विभाग की ओर से पिछले दिनों तमाम अधिकारियों का डाटा तैयार कराया था। इसमें पूछा गया था कि कौन सा अधिकारी कितने समय से एक ही सीट या विभाग में तैनात है। इसी सूची के आधार पर विभाग ने अनुभाग अधिकारियों व लेखा अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादले किए हैं। लेकिन वरिष्ठ और मुख्य लेखा अधिकारियों के तबादले नहीं किए गए हैं। विभाग में इन दोनों पदों पर 100 से अधिक अधिकारी तैनात हैं। इनमें से दर्जन भर अधिकारी ऐसे हैं, जो 7 से 10 साल से ही कार्यालय में तैनात हैं।