चंडीगढ़ में वकीलों की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रहेगी। यूटी टेनेंसी एक्ट को लेकर वकीलों का वर्क सस्पेंड थम नहीं ले रहा है। ऐसे में अधिकतर मामलों में न्यायालय ने तारीख लगाकर अपनी कार्यवाही पूरी कर रहे हैं। वकीलों की ओर चौथे दिन भी नो वर्क डे रखा गया। कोर्ट में हर दिन सिविल, क्रिमिनल, चेक बाउंस, रेट से संबंधित करीब 2.5 हजार मामले आते है। चार दिन से जारी वकीलों के विरोध के चलते करीब दस हजार केस प्रभावित हो चुके हैं।
साल 2019 में टेनेंसी एक्ट को लेकर वकीलों ने दस दिनों तक लगातार विरोध किया था। इस दौरान करीब 25 हजार केस प्रभावित हुए थे। धीरे -धीरे जिला अदालत में 2019 जैसी स्थिति बनती नजर आ रही है। वीरवार को बार एसोसिएशन के सदस्य कार रैली निकाल कर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से सहयोग मांगने के लिए पहुंचे।
जिला अदालत के साथ बार एसोसिएशन का साथ देने के लिए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन व ट्राईसिटी कंज्यूमर कोर्ट बार एसोसिएशन ने एलान कर दिया है। ट्राईसिटी कंज्यूमर कोर्ट बार एसोसिएशन ने नोटिस जारी कर कहा है कि यूटी टेनेंसी एक्ट में जिला अदालत बार का साथ देने के लिए 26 और 27 जुलाई को नो वर्क डे रखा जाएगा।
वकीलों का कहना है कि किराये से जुड़े मामलों पर फैसला लेने की शक्तियां पहले से ही जिला अदालत में अधिकारियों के पास है। इसके अतिरिक्त फैसला लेने की शक्तियां न्यायाधीश के पास है। नए कानून के अनुसार निर्णय लेने की सारी शक्तियां कलेक्टर के पास चली जाएंगी। एसडीएम कोर्ट में इतने केस देखना संभव नहीं होगा।