ठेकेदार से किराये पर ऑटो लेकर चलाने वालों को प्रशासन ऑटो मालिक बनने का मौका दे रहा है। डीजल ऑटो पर रोक के बाद एलपीजी ऑटो को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन लोन भी दिलवा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ एमओयू साइन किया है। जिसमें ऑटो चालकों को सालाना 9.6 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि अधिकतर चालक प्रतिदिन 300 रुपये चुका कर ऑटो किराये पर लेते हैं। 300 रुपये के बाद जितने भी पैसे मिलते हैं वह चालक के होते हैं। ऐसे में प्रशासन ऐसे ऑटो चालकों को खुद ऑटो मालिक बनने का मौका दे रहा है। जिसमें वह पहले की तरह 300 रुपये ठेकेदार को नहीं बल्कि बैंक में देंगे।
ऐसा करने से तीन साल में लोन का पैसा चुकता हो जाएगा और वह खुद ऑटो के मालिक बन जाएंगे। तीन साल बाद दिन में जितने भी पैसे जुटेंगे वह पूरी राशि ऑटो चालक की होगी। इसमें से उसे एक भी पैसा न ठेकेदार को और न ही बैंक में देना होगा। डीजल ऑटो पर पाबंदी के बाद कोई चालक बेरोजगार न रहे इसके लिए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
चंडीगढ़ में 2009 के बाद से डीजल ऑटो रजिस्ट्रेशन बंद है। इसके बाद भी 10 हजार से अधिक ऑटो बिना काउंटर परमिट शहर में घुसपैठ करते रहे हैं। जिससे ट्रैफिक व्यवस्था तो बिगड़ती ही है ऑटो प्रदूषण का कारण भी बनते हैं। हालांकि महीने भर से एसटीए ने डीजल ऑटो पर पाबंदी केलिए मुहिम छेड़ रखी है। रोजाना 30 से 40 ऑटो के चालान और इंपाउंड हो रहे हैं।
राजीव तिवारी, एडीशनल सेक्रेटरी, स्टेट ट्रांसपोर्ट अथोरिटी, चंडीगढ़ ने बताया कि ऑटो चालकों को ऑटो मालिक बनने का मौका दिया जा रहा है। जिसमें कम ब्याज दर की आसान ईएमआई पर ऑटो चालकों को लोन दिलाया जा रहा है। इसकेलिए पंजाब नेशनल बैंक के साथ एमओयू साइन किया गया है।