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स्नातक वर्ग के चुनाव को लेकर पीयू में एडमिन ब्लॉक का घेराव

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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में स्नातक वर्ग चुनाव कराने के लिए प्रदर्शन हो रहे हैं। वीरवार को विद्यार्थी संगठनों के साथ पूर्व सीनेटर, प्रोफेसर, पुटा, पंजाब हरियाणा कॉलेज टीचर यूनियन, फिल्म कलाकारों, गीतकारों और संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने मिलकर स्नातक वर्ग के चुनाव करवाने को लेकर एडमिन ब्लॉक का घेराव किया। इस दौरान पहले सभी जत्थेबंदियों के सदस्य और विद्यार्थी वीसी दफ्तर के बाहर एकत्रित हुए। वहां से उन्होंने एडमिन ब्लॉक तक मार्च निकाल विश्वविद्यालय प्रशासन और पीयू के केंद्रीकरण की योजनाओं के खिलाफ आवाज बुलंद की।
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पीयू में एकत्रित हुए विभिन्न जत्थेबंदियों के सदस्यों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि जल्द स्नातक वर्ग के चुनाव की एक निश्चित तारीख तय कर जारी करे, अन्यथा वीसी के घर के साथ पंजाब के गर्वनर के दफ्तर का घेराव किया जाएगा। पीयू ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सूचना दी थी कि स्नातक वर्ग के चुनाव 19 सितंबर या 26 सितबंर को आयोजित करवाए जाएंगे। इसके लिए अभी दिल्ली और उत्तराखंड से अनुमति मिलना बाकी है। पीयू ने 23 अगस्त को दिल्ली और उत्तराखंड को चुनाव करवाने को लेकर स्मरण पत्र भेजा है।
प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने विरोध जताया कि बार-बार चुनाव की तारीख देकर फिर उसे स्थगित करना और अब दो तारीखें देकर पीयू उम्मीदवारों के साथ मतदाताओं को गुमराह कर रही है। पहले भी तय समय पर 18 अगस्त को बहुत से मतदाता स्नातक वर्ग चुनाव में मत देने के लिए केंद्रों पर पहुंच गए थे। बता दें कि सीनेट चुनाव में स्नातक वर्ग में सबसे अधिक करीब साढ़े तीन लाख मतदाता हैं।
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किसान यूनियन से सुरेश, मनजीत राय, कुलदीप वाजिदपुर, सज्जन सिंह, गुरप्रीत सोमल, बाबा साधु सिंह, अमन रतिया, रोबिन बराड़, मनधीर सिंह, कलाकार अनमोल गगन मान, जस बाजवा, अमितोज मान, दीप सिद्धू, भाना सिद्धू, अशोक गोयल, भूपिंदर बाठ, हरजोध सिंह पटियाला, आरएन शर्मा, मालविंदर सिंह कंग, संदीप, इकबाल सिद्धू व अन्य ने इस दौरान अपने विचार रखे।
दिल्ली सरकार के साथ उम्मीदवार अपने स्तर पर कर रहे हैं चर्चा
स्नातक वर्ग के उम्मीदवार रविदंर उर्फ बिला धालीवाल ने बताया कि पीयू ने दिल्ली और उत्तराखंड सरकार को जो पत्र लिखा है, उसमें चुनाव की एक तय तारीख नहीं बताई गई है, इसलिए अब सीनेट उम्मीदवार अपने स्तर पर दिल्ली सरकार के नुमांइदों से चर्चा करने में लगे हैं। वहीं उम्मीदवार और अधिवक्ता डीपीएस रंधावा ने बताया कि उत्तराखंड में एक ही केंद्र है, जहां मुश्किल से पिछले समय में करीब 50 मत पड़ते हैं। यहां वीसी की पार्टी की ही सरकार है, अगर वह चाहें तो अनुमति दिलवा सकते हैं। दिल्ली सरकार की अनुमति को लेकर हम अपने स्तर पर चर्चा करने का प्रयास कर रहे हैं।
विद्यार्थियों को किसान यूनियन की तरह एकता की जरूरत
प्रदर्शन में संयुक्त किसान मोर्चा से आए नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय की समस्याओं को सुलझाने के लिए विद्यार्थियों को जरूरत है कि एक संयुक्त जत्थेबंदी बनाई जाए। विद्यार्थियों को उनके मुद्दे हल करवाने के लिए एकता की जरूरत है। विश्वविद्यालय में अलग-अलग दलों के साथ प्रदर्शन करने से मुद्दों का हल नहीं हो सकता।
विद्यार्थियों को देंगे वित्तीय सहायता : कुलदीप नागरा
विधायक कुलदीप नागरा ने संबोधन में कहा कि आज वो जिस भी पद पर है, वह पंजाब विश्वविद्यालय और उसके लोकतांत्रिक ढांचे की वजह से है। पीयू के लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्षशील विद्यार्थियों को वह वित्तीय सहायता भी देंगे।
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