संगरूर को लेकर सत्ता के गलियारों में हर जुबान पर एक ही चर्चा है कि ‘जीते तो आप, हारे तो भगवंत मान।’ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस सीट पर नजरें गड़ा ली हैं। इस सीट पर भाजपा ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन मुकाबला अभी से बहुकोणीय बनता दिख रहा है। कांग्रेस, आप और अकाली दल अमृतसर ने यहां के सियासी पारे को गर्मा दिया है। कांग्रेस और आप के दरमियान सियासी जंग तेज हो चुकी है। वहीं, शिअद अमृतसर, इंकलाबी नौजवान वर्ग में अपनी धाक जमाने में जुटा है। शिअद अपने कोर वोट बैंक को साधने की कोशिश में है और बसपा का फोकस दलित वोट बैंक पर है।