आम आदमी पार्टी ने किया प्रदर्शन।
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चुनाव आते ही पंजाब की दलित राजनीतिक गर्माने लगी है। आम आदमी पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता सोमवार को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में कथित घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर भूख हड़ताल करने पहुंच गए, जहां उनको पुलिस द्वारा रोककर हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस थाने में भी आप नेताओं ने धरना देकर भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में वित्त मंत्री और समाज कल्याण मंत्री के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
आप नेता और नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। आवास से पहले ही प्रदर्शनकारी नेताओं को पुलिस ने रोक लिया और हिरासत में ले लिया। इस दौरान नेताओं की पुलिस से तीखी नोक-झोंक भी हुई।
पुलिस आप विधायकों और नेताओं को हिरासत में लेकर सेक्टर-17 थाने पहुंची। जहां आप नेता मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कैप्टन सरकार ने दलित वर्ग के दो लाख विद्यार्थियों के वजीफा की रकम में करोड़ों रुपये घोटाला करके विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।
हरपाल चीमा ने कहा कि जब तक वित्तमंत्री मनप्रीत बादल और समाज कल्याण मंत्री साधु सिंह धर्मसोत के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता तब तक आप का संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष की उप नेता बीबी सरबजीत कौर माणूंके, मास्टर बलदेव सिंह जैतों, प्रिंसिपल बुद्ध राम, जगतार सिंह जग्गा हिस्सोवाल, मनजीत सिंह बिलासपुर, कुलवंत सिंह पंडोरी व हलका पायल के इंचार्ज मनविंदर सिंह ग्यासपुरा भी शामिल रहे।