निफ्ट की स्थापना का सिविल कार्य पूरा हो चुका है। अन्य उपकरणों व सामग्री के लिए टेंडर किए जा चुके हैं। प्रोजेक्ट को मार्च के अंत तक पूरा करना संभावित है। आईआईआईटी की स्थापना के संबंध में भवन का नक्शा तैयार किया जा चुका है। परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
आईआईआईटी में लगभग 20 प्रतिशत सीटें हरियाणा के छात्रों के लिए आरक्षित हैं। मुख्यमंत्री को बताया गया कि लगभग 235 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर-9, एचएसवीपी फतेहाबाद में 200 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई है। जल्द ही इसके लिए निविदाएं मांगी जाएंगी।
फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में 103 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मातृ एवं शिशु अस्पताल ब्लॉक के निर्माण के लिए शीघ्र ही टेंडर निकाले जाएंगे। निर्माण कार्य भी जल्द पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं या सिविल अस्पतालों को अभी तक 100 बिस्तर से 200 बिस्तरों में अपग्रेड नहीं किया गया है, उनका पूरा विवरण तैयार करें। आयुष विभाग के महानिदेशक डॉ. साकेत कुमार ने बताया कि 475 करोड़ की लागत से श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र की स्थापना का कार्य जारी है। तेज गति से परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा।
मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की प्रधान सचिव जी. अनुपमा ने बताया कि लगभग 761 करोड़ रुपये की लागत पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, कुटैल, करनाल का कार्य तेज गति से चल रहा है। 598 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय मेडिकल कॉलेज कोरियावास नारनौल, 535 करोड़ रुपये की लागत से सरकारी मेडिकल कॉलेज, भिवानी, 663 करोड़ रुपये की लागत से सरकारी मेडिकल कॉलेज, जींद, 172 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय डेंटल कॉलेज, नल्हड़, नूंह व 373 करोड़ रुपये की लागत से करनाल में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के नए भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
राज्य में छह नर्सिंग कॉलेजों कैथल (धेर्दु), कुरुक्षेत्र (खेड़ी राम नगर), पंचकूला (खेड़ावाली), दो फरीदाबाद (औरा, दयालपुर) और एक रेवाड़ी (कोसली) में बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी नर्सिंग कॉलेजों की मैपिंग की जाए। इन कॉलेजों में दाखिले व पास आउट प्रतिशत का विवरण तैयार करें। नर्सिंग पेशे को संवेदनशील व ड्यूटी के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम तैयार करने की संभावनाएं तलाशें।
रैनीवैल परियोजनाओं की निगरानी के लिए बनेगी समिति
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की क्रियान्वित सात परियोजनाओं के बारे में प्रधान सचिव एके सिंह ने बताया कि जिला चरखी दादरी के निमेर बदेसरा में 35 गांवों में नहर आधारित जलापूर्ति योजना की डीपीआर बन गई है। आगे का कार्य तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में चलाई जा रही रैनीवैल परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक समिति गठित की जाए।
यह भी सुनिश्चित करें कि पेयजल का उपयोग सिंचाई के लिए नहीं हो। जिन जिलों में जल जीवन मिशन का शत-प्रतिशत कार्य चुका है, वहां टोल फ्री नंबर जारी करें। सिंह ने बताया कि फिरोजपुर झिरका और नगीना ब्लॉक के 80 गांवों में पेयजल आपूर्ति योजना, अटबा के यमुना मैदान में रैनीवेल और नूंह में पाइप लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण होने से लगभग 4 लाख आबादी लाभान्वित होने की उम्मीद है।