चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय छात्रावासों में रह रहे कई शोधार्थियों से प्रतिदिन 90 रुपये के हिसाब से किराया वसूल रहा है। इसका विरोध शोधार्थियों के बीच शुरू हो गया है। वे अब प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं।
पांच साल या इससे अधिक समय से शोध करने वाले शोधार्थियों से पीयू प्रतिदिन अधिक किराया ले रही है। इसका भार शोधार्थियों पर पड़ रहा है। इस कारण वे परेशान हैं। उनका कहना है कि कोरोना के कारण उनका शोध कार्य पूरा नहीं हो पाया। इसमें उनका कोई दोष नहीं है। उनके परिवारों की भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसे लेकर पिछले माह छात्रों ने प्रदर्शन किया था। छात्रों को आश्वासन भी दिया गया, लेकिन समस्या हल नहीं की गई। एसएफएस के पदाधिकारी संदीप कुमार का कहना है कि केवल आश्वासन दिया जा रहा है, अधिकारी इसे लेकर कोई निर्णय नहीं ले रहे हैं। अब प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक प्रदर्शन होगा।