अमृतसर के बाद बठिंडा और गुरदासपुर की जेलों में भी शनिवार और रविवार को कैदियों का डोप टेस्ट किया गया। गुरदासपुर जेल में 425 कैदी पॉजिटिव मिले हैं। वहीं गोपनीय सूत्रों ने जानकारी दी कि बठिंडा जेल में 1673 कैदियों का दो दिन में डोप टेस्ट किया गया। इनमें 647 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं 1026 कैदियों की रिपोर्ट निगेटिव रही। गोपनीय सूत्रों के मुताबिक पॉजिटिव आने वालों में 604 कैदी पहले ही पंजाब सरकार के ओट क्लीनिक से नशा छोड़ने की दवा ले रहे हैं जबकि 43 नए केस पॉजिटिव मिले हैं।
सूत्रों ने बताया कि पॉजिटिव आने वाले कैदियों की रिपोर्ट में बुप्रेनोरफिन नामक दवा लेने का खुलासा हुआ है। बता दें कि यह दवा प्रतिबंधित है। इसके अलावा रिपोर्ट में ट्रामाडोल नामक गोली के भी लेने का खुलासा हुआ है। 43 नए पॉजिटिव कैदी ओट क्लीनिक से दवा नहीं ले रहे हैं। मगर अब जेल प्रशासन उनकी काउंसलिंग और उपचार करवाएगा। यह सभी लोग अपना उपचार करवाना भी चाह रहे हैं।
बठिंडा जेल के अधिकारी एनडी नेगी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जब उनके पास रिपोर्ट आएगी तभी वो कुछ बता पाएंगे। इसके अलावा सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. मनजिंदरपाल सिंह ने कहा कि उक्त रिपोर्ट उन्हें कल मिलेगी। रिपोर्ट देखने के बाद ही वो कुछ बताएंगे।
गुरदासपुर जेल में 425 कैदी पॉजिटिव मिले
गुरदासपुर जेल के अधीक्षक राजिंदर सिंह हुंदल ने कहा कि पॉजिटिव कैदियों में वे लोग शामिल हैं, जो जेल में स्वास्थ्य विभाग के ओट क्लीनिक से नशा छुड़ाने की दवा ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के निर्देश के बाद उन्हें गोलियों की मात्रा धीरे-धीरे कम करने को कहा गया है, ताकि वे पूरी तरह से नशा छोड़ने में सफल हो सकें।