चंडीगढ़ के अधिकारियों ने बिना योजना के ही दो करोड़ रुपये खर्च कर शहर में 9 स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहनों के 46 चार्जिंग प्वाइंट बनवा डाले। ये चार्जिंग प्वाइंट फिलहाल किसी काम के नहीं हैं। एक साल बीतने के बाद भी इन्हें बिजली कनेक्शन तक नहीं मिला है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अगले दो माह में लोगों को इनका लाभ मिलने लगेगा।
चंडीगढ़ रिन्यूअल एनर्जी एंड साइंस, टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) को शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नोडल विभाग बनाया गया है। सभी विभागों से तालमेल बनाकर चार्जिंग प्वाइंट लगाने का कार्य भी क्रेस्ट को ही करना है। इसके लिए योजना बनाने में ही विभाग को काफी समय लग गया।
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इस दौरान स्मार्ट सिटी की ई-कन्वर्जेंस योजना के तहत चार्जिंग प्वाइंट लगाने का काम पहले ही पूरा कर दिया गया। इन चार्जिंग प्वाइंट का उपयोग कैसे हो, इसकी रूपरेखा किसी के पास नहीं थी। इस कारण इनमें बिजली कनेक्शन भी नहीं दिया गया। यह चार्जिंग प्वाइंट फिलहाल शोपीस बने हुए हैं।
हर सेक्टर में होगा एक चार्जिंग प्वाइंट, दो माह बाद मिलेगी सुविधा
क्रेस्ट के अध्यक्ष देबेंद्र दलाई ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने बैठक की है। इसमें तय किया गया कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए हर सेक्टर में एक चार्जिंग प्वाइंट लगाना होगा ताकि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए परेशान न होना पड़े। शहर के लगे सभी चार्जिंग प्वाइंट के लिए जल्द टेंडर करेंगे। जो कंपनी चार्जिंग के सबसे कम रुपये लेगी, उसे काम आवंटित कर दिया जाएगा। तभी इसके संचालन और मरम्मत का कार्य शुरू हो सकेगा।
शहर में साल दर साल बढ़ रही इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या
वर्ष वाहनों की संख्या
2021 (अब तक) 328
2020 370
2019 506
2018 212
2017 23
एक रुपये प्रति किमी से भी कम है खर्चा
देबेंद्र दलाई ने बताया कि बड़ी गाड़ी के पेट्रोल का खर्चा जहां 10 रुपये प्रति लीटर होता है, वहीं इलेक्ट्रिक वाहन का खर्चा 1 रुपये प्रति किमी से भी कम है। इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने में 25 से 30 यूनिट बिजली खर्च होती है।
सलाहकार के साथ बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए योजना बनी है। चार्जिंग प्वाइंट खराब नहीं होते हैं, क्योंकि इनमें अभी बिजली कनेक्शन नहीं है। योजना बनाकर वाहनों के बेहतर व्यवस्था की जाएगी, जिससे लोगों को कोई समस्या न हो। -देबेंद्र दलाई, अध्यक्ष, क्रेस्ट