खूबसूरत वादियों के बीच पिंजौर-कालका में 22 नए रेजीडेंशियल सेक्टर, तीन इंडस्ट्रियल और चार कॉमर्शियल सेक्टरों सहित कुल 33 सेक्टर बनाए जाएंगे।
इनमें ओपन स्पेस और पब्लिक यूटिलिटी सहित तमाम जनसुविधाओं के लिए जगह रखी की गई है। अभी पंचकूला में कुल 32 रेजीडेंशियल सेक्टर हैं और 22 नए जुड़ने से इनकी संख्या 54 हो जाएंगी।
मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने का इंतजार
प्रदेश सरकार की ओर से पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स-2031 के मास्टर प्लान को मंजूरी मिलते ही इन सेक्टरों के विकास का रास्ता साफ हो गया है।
कुल पांच लाख की आबादी की जरूरतों के मद्देनजर तैयार इस योजना के लागू होने से हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगते इलाकों के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
कुल 3811.79 हेक्टेयर में विकसित होने वाले सेक्टरों में होटल साइट्स, आईटी कंपनियां, इंस्टीट्यूशनल एरिया, अफोर्डेबल हाउसिंग से जुड़ी परियोजनाओं के अलावा स्वास्थ्य, पर्यटन सहित कई सुविधाओं का ध्यान रखा गया है।
2011 में तैयार की गई थी यह योजना
वर्ष-2011 में पिंजौर-कालका की आबादी 1.21 लाख थी, जिसकी संख्या 2031 तक पांच लाख तक पहुंचने को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की गई है।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र होने की वजह से भवनों के निर्माण की इजाजत जांच-पड़ताल के बाद ही दी जाएगी। अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट को भी प्राथमिकता के आधार पर रेजीडेंशियल सेक्टर में शामिल किया गया है, ताकि हर वर्ग के लोगों की जरूरतें पूरी हो सके। इस मास्टर प्लान को डायरेक्टर, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की ओर से मंजूरी मिल गई है।