तीन बजे के बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आबंटित किए जाने थे। इसको लेकर सभी आजाद उम्मीदवारों के साथ जजपा और लोकतंत्र सुरक्षा मंच के नेता भी पहुंचे। इस दौरान ऑटो रिक्शा चुनाव निशान को लेकर आजाद उम्मीदवार संत धर्मवीर चोटीवाला ने अपनी आपत्ति जताई। धर्मवीर चोटीवाला के अनुसार उन्होंने अपने नामांकन में ऑटो रिक्शा का निशान प्रथम पसंद के आधार पर दिया था।
इतना ही नहीं उन्होंने सबसे पहले नामांकन किया, जिससे उनको अधिकार अपने मनपसंद चुनाव निशान पर बनता है। धर्मवीर चोटीवाला का आरोप है कि इसके बावजूद निर्वाचन अधिकारी द्वारा यह निशान लोकतंत्र सुरक्षा मंच के उम्मीदवार को दे दिया। उन्होंने कहा कि वे इस फैसले को अदालत में भी चुनौती देंगे। वहीं निर्वाचन अधिकारी विरेंद्र सहरावत के अनुसार यह चुनाव चिह्न लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी को मिल चुका है।
इसके अलावा भी पहले पंजीकृत पार्टियों को प्राथमिकता के आधार पर चुनाव निशान मिलता है और इसके बाद ही आजाद उम्मीदवार को चुनाव चिह्न मिलता है। चुनाव चिह्न का आवंटन पूर्ण रूप से नियमानुसार किया गया है।
दिग्विजय सिंह चौटाला को कप प्लेट, संत धर्मवीर चोटीवाला को ट्रक का निशान मिला है। बिजेंद्र को हांडी, मांगेराम को फलों से युक्त टोकरी, मास्टर रमेश खत्री लंबरदार को फूल गोभी, रविंद्र कुमार को बेबी वॉकर, सतपाल को अलमारी, संदीप कुमार को कोट, सुरेंद्र बीबीपुर को हल जोतता किसान का निशान मिला है।
दो महिलाएं मैदान में
उपचुनाव में कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला और जजपा के दिग्विजय चौटाला के आने से हालांकि चुनाव बहुत ही रोचक हो गया है, लेकिन 21 उम्मीदवारों की भीड़ में दो महिलाएं भी मैदान में डटी हुई हैं। दोनों ही महिलाएं पंजीकृत राष्ट्रीय दलों की उम्मीदवार के रूप में चुनाव में उतरी हैं। इन्हें जनता का कितना समर्थन मिलता है, यह समय ही बताएगा।