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19 साल पहले SDM मां का निधन, बेटी बनी HCS, छोटी वकालत पास

Wed, 07 Sep 2016 10:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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रोहतक की बेटी शशि वसुंधरा एचसीएस में टॉपर - फोटो : फाइल फोटो
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एक बेटी ने एसडीएम मां के देहांत के बाद उनके सपने को साकार करने के लिए अपने नाम के साथ उनका नाम जोड़ लिया। फिर एचसीएस बनने के उनके सपने को पूरा करके ही दम लिया। मां का सपना पूरा करके जहां बेटी काफी उत्साहित है, वहीं उनकी परवरिश करने वाले परिजन भी खुशी मना रहे हैं। मूलरूप से हिसार की रहने वाली शशिकांता एचसीएस थीं।
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शशिकांता का साल 1997 में सोनीपत एसडीएम रहते हुए कैंसर की बीमारी से देहांत हो गया। उस समय उनकी बड़ी बेटी वसुंधरा 10 साल तो छोटी बेटी हिमशिखा की उम्र 8 साल थी। दोनों बेटियों की परवरिश चंडीगढ़ में रहने वाले रोहतक की साई नेशनल बॉक्सिंग एकेडमी के सीओओ सतीश सरहदी ने अपनी बेटियों की तरह की।

दोनों बहनों के एचसीएस या दूसरे उच्च पद पर पहुंचाने का सपना उनकी मां शशिकांता ने देखा था। बेटियां उस सपने को भूल न जाएं, इसके लिए दोनों के नाम के आगे उनकी मां का नाम शशि जोड़ दिया गया। इसके बाद बड़ी बेटी का नाम शशि वसुंधरा और छोटी बेटी का शशि हिम शिखा हो गया।
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साई बॉक्सिंग सेंटर ने सीओओ सतीश सरहदी बने सहारा

साई बॉक्सिंग सेंटर ने सीओओ सतीश सरहदी - फोटो : फाइल फोटो
शशि वसुंधरा ने बीएससी और एमएससी पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से पास की। इसके बाद एचसीएस की तैयारी शुरू की। पहली बार में इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद निराशा मिली, लेकिन उसने दूसरी बार में कामयाबी हासिल कर ली। एससी वर्ग से होने के बावजूद शशि वसुंधरा ने सामान्य वर्ग में जगह बनाई।

वहीं, दूसरी बेटी शशि हिम शिखा भी एचसीएस-जे की तैयारी में लगी है। वह एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई पूरी कर चुकी है। शशि वसुंधरा कहती हैं कि उनकी मां का सपना था कि जिस तरह से वह एक साफ छवि की ईमानदार अधिकारी हैं, उसी तरह उनकी बेटियां भी अधिकारी बनें।

वसुंधरा की कामयाबी पर नेशनल बॉक्सिंग एकेडमी के सीओओ सतीश सरहदी और परिवार के लोग काफी खुश हैं। दोनों बेटियों की जिम्मेदारी उठाकर उनको आगे बढ़ाने का उनका सपना जो सच हो गया है।
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