महिला की मौत के बाद गांव मटौर में लोगों ने जमकर हंगामा किया। इलाके के पूर्व पार्षद हरपाल सिंह चन्ना ने कहा कि एक सप्ताह में इलाकों में छह से अधिक मौतें हो चुकी हैं, जबकि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। मटौर गांव के लोगों ने बताया कि इलाके में कोई ऐसा घर नहीं है, जहां डेंगू का प्रभाव न दिखा हो। गांववालों ने बताया कि दो दिन पहले पच्चीस साल के एक युवक व पंद्रह साल की एक लड़की की भी डेंगू बुखार से मौत हो चुकी है। उससे पहले भी चार लोगों की मौत हुई, इनमें दो लड़कियां भी शामिल है।
लोगों का आरोप है कि हर घर में बीमारी फैलने के बाद भी प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है। फॉगिंग और स्प्रे न होने से यह हालत पैदा हुए हैं। वहीं नगर निगम के अधिकारी मात्र प्रचार कर रहे हैं। जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। लोगों ने डीसी से गुहार लगाई है कि गांव में फैली बीमारी पर काबू करने के लिए विशेष मुहिम चलाई जाए।
सिविल सर्जन आदर्श पाल कौर ने कहा कि सेहत विभाग के पास डेंगू से हुई मौत संबंधी कोई जानकारी नहीं है। इससे पहले डेंगू के संदिग्ध मरीजों की मौत की बात सामने आई थी। हालंकि जिन मरीजों की मौत हुई थी, वे न तो अस्पताल में दाखिल हुए थे और न ही कोई टेस्ट करवाया था। उन्होंने कहा कि किसी के पास कोई जानकारी है तो सेहत विभाग से साझा करें।
पंचकूला के भरैली गांव में दो डेंगू संदिग्ध मरीजों की मौत हुई है। उनकी पहचान शिव कुमार 35 वर्ष और कुलवंत 28 वर्ष के रूप में हुई है। सीएमओ का कहना है कि दोनों की मौतों की वजह पता करवाई जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। गांव के लोगों ने बताया कि शिव कुमार को बुखार होने पर निजी अस्पताल में दाखिल करवा गया था। जहां प्लेटलेट्स कम होने की वजह से 22 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई।
वहीं 23 अक्तूबर की अल सुबह करीब तीन बजे कुलवंत की भी मौत हुई है, उसका प्लेटलेट्स करीब 24 हजार था। गांव के स्थानीय निवासी गुरचरण ने बताया कि कुलवंत को बुखार आने पर शुक्रवार की रात करीब दस बजे सेक्टर-6 पंचकूला के सिविल अस्पताल में दाखिल करवा गया। जहां उसकी तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल के डॉक्टरों ने रात करीब बारह से एक बजे के बीच उसको चंडीगढ़ सेक्टर-32 के जीएमसीएच रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके अलावा गांव के करीब 20 लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव का सर्वे कर फॉगिंग कर रही है। साथ ही यहां मरीजों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं।
जिले में डेंगू का आंकड़ा चार सौ पार
जिले में कोरोना के बाद डेंगू जमकर कहर बरपा रहा है। यहां डेंगू ने चौथा शतक पूरा कर लिया है। शनिवार को डेंगू के 25 नए मरीजों में पुष्टि हुई है। जहां से डेंगू के मरीज पाए गए हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग की तरफ से एंटी लारवा दवा का छिड़काव करवा दिया गया है। इसी के साथ डेंगू का आंकड़ा 422 पहुंच गया है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि बुखार के चलते कई लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन मौत की वजह स्वास्थ्य विभाग अब तक नहीं ढूंढ पाया।
पंचकूला में डेंगू मरीजों का आंकड़ा
राजीव कॉलोनी में 10, सेक्टर-2 से 12, सेक्टर-4 से 15, सेक्टर-5 से 2, सेक्टर-6 से 7, सेक्टर-7 से 22, सेक्टर-9 से 17, सेक्टर-10 से 15, सेक्टर-11 से 25, सेक्टर-15 से 24, सेक्टर-16 से 8, सेक्टर-17 से 7, सेक्टर-19 से 18, सेक्टर-21 से 19, सेक्टर-26 से 15, पंचकूला एमडीसी सेक्टर-4 से 4, एमडीसी सेक्टर-5 से दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
अगर बरवाला के भरैली गांव में लोग बुखार से पीड़ित हैं, तो स्वास्थ्य कर्मचारियों से जांच करवाई जाएगी। इसके अलावा दो लोगों की मौत की वजह का भी पता लगाया जाएगा। मुक्ता कुमार, सीएमओ पंचकूला।