50 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी भी नहीं लुभा पाई
किसानों को मशीनें खरीदने पर व्यक्तिगत 50 प्रतिशत और परियोजना लागत का 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इनमें इन सीटू प्रबंधन के लिए सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, हैप्डी सीडर, सुपर सीडर, जीरो टिल सीड एवं फर्टिलाइजर ड्रिल, मल्चर, पैडा स्ट्रा चापर, हाईड्रोलिक रिवर्सिबल मोल्ड बोर्ड हल, क्रॉप रीपर और रीपर बाइंडर मशीनें और एक्स सीटू के तहत बेलर व हरेक मशीनें शामिल हैं। वहीं, पराली से चलने वाले कुल 265 कंप्रेस्ट बायोगैस प्लांट स्थापित किए जाने हैं। इस साल तक 50 प्लांट चलाने का दावा है।
पराली जलाने से रोकने को लेकर प्रदेश सरकार ने काफी प्रयास किए हैं। प्रोत्साहन राशि से लेकर मशीनों पर सब्सिडी दी जा रही है। कुछ जिलों में पराली जलाने के अधिक मामले सामने आए हैं। इसकी समीक्षा की जाएगी। साफ स्वच्छ पर्यावरण हम सभी की जिम्मेदारी है, किसानों को और अधिक जागरूक किया जाएगा। - जेपी दलाल, कृषि मंत्री।
जिलेवार विवरण कहां कितनी जली पराली
- कैथल 1041
- करनाल 840
- फतेहाबाद 853
- कुरुक्षेत्र 518
- जींद 450
- अंबाला 263
- यमुनानगर 141
- पानीपत 92
- पलवल 98
- सिरसा 126
- सोनीपत 58
- हिसार 46
हरियाणा के कई जिलों में अभी भी जहरीली हवा
जिला एक्यूआई
- पानीपत 416
- कैथल 410
- जींद 407
- भिवानी 347
- फरीदाबाद 380
- फतेहाबाद 334
- गुरुग्राम 340
- हिसार 355
- कुरुक्षेत्र 330
- करनाल 310
- रोहतक 329
- यमुनानगर 319
- सोनीपत 315
- सिरसा 285
- अंबाला 251