हरियाणा के इतिहास में यह भी पहली बार हुआ है जबकि 13 महिला उम्मीदवारों ने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की है। इस चुनाव में 90 सीटों के लिए 116 महिला उमीदवार चुनाव मैदान में थी।
जो 13 महिला उम्मीदवार जीती है उनमें सबसे ज्यादा भाजपा की 8 विधायक बनी हैं। वहीं कांग्रेस की तीन और इंडियन नेशनल लोकदल और हरियाणा जनहित कांग्रेस की एक-एक म
भाजपा ने दी थी सबसे ज्यादा महिलाओं को टिकट
इस बार के विधानसभा चुनावों में जो महिला उमीदवार चुनाव मैदान में थी उनमें कांग्रेस की 10, इनेलो की 16, भारतीय जनता पार्टी की 15, हरियाणा जन हित कांग्रेस (बीएल) की पांच और बीएसपी की छह महिला उमीदवार शामिल हैं। इसी प्रकार, हरियाणा लोक हित पार्टी की 12, हरियाणा जन चेतना पार्टी की चार महिला उम्मीदवार ने चुनाव लड़ा था।
सबसे ज्यादा रेवड़ी को मिले मत
महिलाओं को जो मत मिले उसके अनुसार पानीपत शहर की बीजेपी की महिला उमीदवार रोहिता रेवड़ी को सबसे ज्यादा 63.5 प्रतिशत मत मिले, वहीं मुलाना विधानसभा से जीत दर्ज करने वाली महिला उमीदवार बीजेपी की ही संतोष चौहान सारवान को 30.3 प्रतिशत सबसे कम मत प्राप्त हुए।
दूसरी बार जीतकर गीता भुक्कल ने तोड़ा मिथ
हरियाणा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई शिक्षा मंत्री लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। गीता भुक्कल झज्जर से कांग्रेस से फिर से चुनाव जीती है। पिछले कार्यकाल में ही जब गीता भुक्कल को शिक्षा मंत्री बनाया गया था तब से यह मिथ सामने आ रही थी कि जो भी शिक्षा मंत्री बना है वह फिर से चुनाव नहीं जीत पाया है।
साल 2005 में जब हुड्डा के नेतृत्व में पहली बार सरकार बनी तो उस समय फूल चंद मुलाना विधायक बने थे लेकिन वह साल 2009 में होने वाला चुनाव नहीं जीत सके। इससे पहले पूर्व शिक्षा मंत्री मांगे राम भी एक बार चुनाव जीतने के बाद दूसरे कार्यकाल में चुनाव नहीं जीत पाए हैं।
गीता भुक्कल ने झज्जर से इनेलो के उम्मीदवार साधुराम को 26 हजार 568 वोटों के अंतर से हराया है। गीता भुक्कल का कहना है कि यह सच है कि पिछले सभी कार्यकाल में कोई भी शिक्षा मंत्री फिर से चुनाव नहीं जीता है लेकिन उनकी जीत उनकी मेहनत का नतीजा है।