मंढोली कलां के दोनों परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान काफी अनियमितताएं पाई गईं। यहां करीब 70 साल के बुजुर्ग तो 14 साल के किशोर भी नकल करवाने में जुटे थे। स्कूल की दीवारों पर युवा चढ़े थे तो केंद्र के बाहर खड़ी एक स्कूल बस में बैठकर पर्चियां बनाई जा रही थीं। बोर्ड चेयरमैन ने यहां हिंदी विषय की परीक्षा रद्द कर दी। परीक्षा केंद्र रावमावि मंढोली कलां-1 (बी-1) व रावमावि मंढोली कलां-2 (बी-2) को 31 मार्च की परीक्षा के बाद होने वाली सभी परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों को बहल में शिफ्ट कर दिया है।
बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि ऐसे मामलों को सख्ती से निपटा जाएगा और शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी परीक्षा केंद्र पर किसी विषय की परीक्षा नकल के चलते रद्द की जाती है तो रद्द हुए विषय की परीक्षा पुरानी पद्धति अपनाते हुए आयोजित करवाई जाएगी अर्थात परीक्षा पूर्णतया: विषयपरक (सब्जेक्टिव) होगी।
बोर्ड उपाध्यक्ष वीपी यादव के उड़नदस्ते ने जिला नूंह में तावडू के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया, जहां नकल के 16 मामले पकड़े। उन्होंने बताया कि बोर्ड सचिव कृष्ण कुमार के उड़नदस्ते ने उपमंडल-नरवाना के परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, जहां परीक्षा शांतिपूर्ण चल रही थी। बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि संयुक्त सचिव के उड़नदस्ते ने उपमंडल महम के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके पश्चात जिला जींद में जुलाना के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और नकल के 17 मामले दर्ज किए।
परीक्षा केंद्र रावमावि जुलाना-3 (बी-1) में तैनात सुपरवाइजर रामेश्वर दत्त पांडे, राकवमावि जुलाना-1 (बी-1) में तैनात सुपरवाइजर सुषमा व मंजु को ड्यूटी में कोताही बरतने पर तुरंत प्रभाव से कार्यभार मुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त परीक्षा की पवित्रता भंग होने के कारण राकवमावि जुलाना-2 (बी-2) परीक्षा केंद्र की परीक्षा रद्द की गई है।
प्रवक्ता ने बताया कि एसटीएफ नंबर-03 द्वारा परीक्षा केंद्र रावमावि, करौला (उपमंडल पटौदी) पर परीक्षा की पवित्रता भंग होने के कारण हिंदी विषय की परीक्षा रद्द करने की सिफारिश की है। उन्होंने बताया कि नकल पर अंकुश लगाने के लिए गठित किए गए विशेष उड़नदस्तों ने 61 नकल के मामले दर्ज किए गए, जिसमें बोर्ड अध्यक्ष के स्पेशल उड़नदस्तों के 45, उपाध्यक्ष के स्पेशल उड़नदस्तों के 09 और सचिव के स्पेशल उड़नदस्तों के 07 केस शामिल हैं।
रैपिड एक्शन फोर्स ने 14 केस पकड़े और अन्य उड़नदस्तों ने नकल के 55 मामले दर्ज किए। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में चल रही वार्षिक परीक्षा मार्च-2022 के दौरान ड्यूटी पर कोताही बरतने के कारण रिलीव किए गए स्टाफ के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जा रहा है।