इन्हें भारी-भरकम वेतन के साथ-साथ भत्ते, सरकारी आवास, वाहन, कार्यालय, सुरक्षाकर्मी तक दिए जाते हैं। कैप्टन सरकार के समय ऐसे पदाधिकारियों में से कई नेताओं को कैबिनेट रैंक तक दिया गया था। इस बीच, माना जा रहा है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार अपने 92 विधायकों में से 18 को कैबिनेट मंत्री बना सकती है लेकिन बाकी विधायकों को एडजस्ट करने के लिए बोर्ड और निगमों का सहारा लिया जा सकता है।
चेयरमैन समेत पीआरटीसी के नौ पदाधिकारी ने दिया इस्तीफा
पीआरटीसी के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सात बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसकी पुष्टि पीआरटीसी की एमडी परनीत कौर शेरगिल ने की। उन्होंने कहा कि सभी ने इस्तीफे उन्हें भेज दिए हैं। इसकी जानकारी उन्होंने अपने विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दी है। इस्तीफा देने वालों में पीआरटीसी के चेयरमैन सतविंदर सिंह जैलदार चैड़ियां, वाइस चेयरमैन गुरिंदर सिंह दुआ के अलावा सात बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में मनजीत सिंह पायल, कमलदेव जोशी, बलविंदर सिंह संधू, पुश्पिंदर अत्री, सुभाष सूद, कपिल देव गर्ग, पुरुषोत्तम लाल खलीफा शामिल हैं।
गौरतलब है कि पंजाब में चन्नी की सरकार बनने के बाद उनके करीबी माने-जाने वाले सतविंदर सिंह जैलदार चैड़ियां को पीआरटीसी का चेयरमैन लगाया गया था। इससे पहले इस पद पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी केके शर्मा तैनात थे। सितंबर में कैप्टन के इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद केके शर्मा ने इस पद से इस्तीफा दे दिया था।