चंडीगढ़। जिला अदालत ने 2018 में हुए एक सड़क हादसे की शिकार नाबालिग बच्ची को 74.39 लाख रुपये की राशि बतौर मुआवजा देने का फैसला सुनाया है। छठी कक्षा में पढ़ने वाली 11 साल की नाबालिग सलोनी हादसे के कारण 100 प्रतिशत डिसेबल हो गई थी। इस मामले के चलते सलोनी के परिजनों ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी।
याची की ओर से वकील ठाकुर करतार सिंह और वकील विशाल ठाकुर ने बताया कि 20 अप्रैल 2018 को सलोनी अपनी दादी सीता देवी के साथ सेक्टर-37 से सेक्टर-24 अपने घर जा रही थी। उसी समय सेक्टर-37 में स्थित अंबेडकर भवन के पास एक फॉर्च्यूनर कार ने उन दोनों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना के बाद उन्हें पीजीआई ले जाया गया। इस हादसे में सीता देवी की मौत हो गई। वहीं सलोनी बुरी तरह घायल हो गई। डॉक्टरों ने सलोनी के शत प्रतिशत डिसेबल होने की पुष्टि की।
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एक हादसें से टूटे सपने:-
परिजनों ने दुख जताते हुए कहा कि इस हादसे की वजह से सलोनी की पढ़ाई छूट गई। अब वह कभी दोबारा स्कूल नहीं जा सकेगी। भविष्य के सारे सपने इस हादसे में टूट गए। सलोनी की दोनों टांगें फ्रैक्चर हो गईं और उसके सिर पर भी गंभीर चोट आई थी। टक्कर लगने से उसका पूरा चेहरा बिगड़ गया और सामने के छह दांत भी टूट गए थे।