साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला सीबीआई अदालत द्वारा अगस्त 2017 को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार देने के बाद हुई हिंसा में कुल 288 करोड़ का नुकसान हुआ था। इसमें से 119 करोड़ का नुकसान हरियाणा में तथा 169 करोड़ रुपये का पंजाब में व्यवस्था पर खर्च हुआ है। यह जानकारी हरियाणा और पंजाब सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सौंपी। हाईकोर्ट ने कोर्ट मित्र को इस रिपोर्ट का अध्ययन करने का आदेश दिया है। इसके बाद वह तय करेगा कि इसकी वसूली किस से होगी।
2017 में राम रहीम को दोषी करार देने के बाद हुई हिंसा को लेकर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर सुनवाई आरंभ की थी। इस मामले में कोरोना के चलते दो साल बाद सुनवाई आरंभ हुई है। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर कहा था कि पहले यह तय कर लिया जाए कि पंजाब और हरियाणा में हुए इन दंगों के दौरान कितनी सार्वजनिक और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ है और नुकसान की भरपाई के लिए कितने क्लेम आए हैं। इन क्लेम के निपटारे के लिए ट्रिब्यूनल गठित किए जाने पर भी कोर्ट ने जवाब मांगा था।
बुधवार को हाईकोर्ट को बताया गया कि संपत्ति को हुए नुकसान के मामले में सरकार के पास 216 क्लेम आवेदन आए हैं। सबसे अधिक 123 क्लेम पंचकूला से आए हैं, इसके साथ ही सिरसा से 70, कैथल से 17, पानीपत से 4 और फरीदाबाद व सोनीपत से 1-1 क्लेम आए हैं। इसके अलावा राजस्व को हुए नुकसान के 87 और अन्य क्षेत्र के 67 क्लेम आए हैं।
पंचकूला जिले में सबसे अधिक 10.48 करोड़ का नुकसान
जहां तक सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को हुए नुकसान का मामला है, उसमें पंचकूला जिले को सबसे अधिक 10,48,01,283 रुपये का नुकसान हुआ था। निजी संपत्ति का 10,10,56,387 रुपये और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान के लिए 37,44,896 रुपये शामिल हैं। सिरसा जिला जहां डेरा का मुख्यालय है, वहां लगभग 13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। पंजाब सरकार ने राज्य में हुए नुकसान और क्लेम्स की जानकारी सुनवाई के दौरान ही हलफनामा दायर कर दी है।
पंजाब में दंगों के दौरान 59 एफआईआर हुई थीं दर्ज
पंजाब सरकार ने बताया है कि दंगों के दौरान 59 एफआईआर दर्ज की गई थीं। राज्य में इस दौरान सुरक्षा प्रबंधों और पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती में कुल 169 करोड़ रुपये खर्च आया था। इस मामले में हाईकोर्ट को सहयोग दे रहे एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने इस पर अध्ययन के लिए कुछ समय की मांग की। हाईकोर्ट ने उन्हें हरियाणा और पंजाब दोनों द्वारा दायर जवाब का अध्ययन कर इस पर अनुपम गुप्ता को पक्ष रखने का आदेश दिया है। इसके बाद तय किया जाएगा कि इस नुकसान की वसूली किससे की जाएगी।