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Punjab News: इस सीजन एक दिन में पराली जलाने के सर्वाधिक 1068 मामले, रेड जोन में पहुंचा एक्यूआई

Mon, 30 Oct 2023 10:52 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

रविवार को बठिंडा का एक्यूआई 328 दर्ज किया गया, जो रेड जोन कैटेगरी में आता है। लुधियाना का एक्यूआई 217, पटियाला का 202, अमृतसर का स्तर 134, खन्ना का 132, जालंधर का 129 पहुंच गया है।
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फाइल फोटो। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पंजाब में रविवार को पराली जलाने के रिकॉर्ड 1068 मामले सामने आए हैं। इस कारण पंजाब का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) रेड जोन में पहुंच गया है। इस सीजन रविवार को पराली जलाने के सर्वाधिक 1068 मामले सामने आए हैं। सबसे ज्यादा 181 मामले सीएम भगवंत मान के हलके संगरूर के हैं, जबकि सबसे कम दो मामले एसएएस नगर में दर्ज किए गए हैं। अब पराली जलाने के कुल मामलों की संख्या 5254 हो गई है।

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155 मामलों के साथ फिरोजपुर दूसरे, 133 मामलों के साथ तरनतारन तीसरे स्थान पर रहा। पटियाला में पराली जलाने के 83, अमृतसर में 57, बठिंडा में 34, बरनाला में 13, फरीदकोट में 40, गुरदासपुर में 26, जालंधर में 30, कपूरथला में 40, लुधियाना में 57, मानसा में 66, मोगा में 34, मुक्तसर में 25 मामले सामने आए हैं। आंकड़ों के मुताबिक साल 2021 में 29 अक्तूबर को 1353 और साल 2022 में 1898 मामले दर्ज किए गए थे।

328 पहुंचा बठिंडा का एक्यूआई

रविवार को बठिंडा का एक्यूआई 328 दर्ज किया गया, जो रेड जोन कैटेगरी में आता है। लुधियाना का एक्यूआई 217, पटियाला का 202, अमृतसर का स्तर 134, खन्ना का 132, जालंधर का 129 पहुंच गया है। डॉक्टरों के मुताबिक एक्यूआई का स्तर 60 से कम होना ही इंसान के लिए आदर्श माना जाता है। 

पंजाब में तीन जिले, जहां इस बार ज्यादा जली पराली

साल 2022 के मुकाबले इस साल भले ही 50 फीसदी पराली कम जली है लेकिन तीन जिले ऐसे हैं, जिनमें इस बार पराली जलाने के ज्यादा मामले सामने आए हैं। इनमें मानसा, एसएएस नगर व पठानकोट शामिल हैं। मानसा में साल 2022 में 28 अक्तूबर तक रिपोर्ट हुए 171 मामलों की तुलना में इस बार 205, एसएएस नगर में 99 के मुकाबले 101 और पठानकोट में बीते साल एक भी मामला रिपोर्ट नहीं हुआ था, जबकि इस साल अब तक एक मामला सामने आ चुका है। बाकी सभी जिलों में पराली बीते साल के मुकाबले कम जली है।

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