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हरियाणा बजट 2022: प्राकृतिक खेती अपनाने का फैसला, 100 क्लस्टर बनेंगे, मत्स्य पालकों को मिलेंगे किसान क्रेडिट कार्ड

Tue, 08 Mar 2022 06:21 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि 30 सितंबर 2022 तक फसली ऋण, लघु, मध्यम अवधि के ऋण की मूल राशि का भुगतान करने पर दंडात्मक ब्याज समेत किसानों के ब्याज की पूरी राशि माफ की जाएगी।
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हरियाणा बजट 2022 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बजट में प्रदेश के किसानों के लिए कोई फौरी राहत तो नहीं दी गई लेकिन पिटारे में उनके लिए कई योजनाएं हैं। किसानों की आय बढ़ाने के मंत्र पर आगे बढ़ते हुए सरकार ने जीरो बजट प्राकृतिक खेती के मॉडल को अपनाने का फैसला लिया है। इसके तहत प्रदेश में 100 क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। एक क्लस्टर में कम से कम 25 एकड़ भूमि होगी। 

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पहले तीन साल तक उत्पादन में कमी होने पर सरकार मुआवजा प्रदान करेगी। ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए भी सरकार मदद मुहैया कराएगी। वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटे अनाज का वर्ष घोषित करते हुए बाजरे की कटाई के बाद प्रबंधन और ब्रांडिंग के लिए पहली बार 50 करोड़ का अलग से प्रावधान किया है। यह सहायता प्रदेश के किसानों से बाजरा खरीदने वाले किसान उत्पादक संगठनों को प्रदान की जाएगी। 

इसके अलावा, नए वित्त वर्ष में 100 पैक हाउस स्थापित किए जाने का लक्ष्य है। साथ ही 20 हजार एकड़ जमीन को बागों, सब्जियों और मसाले के लिए नया कार्यक्रम जारी किया जाएगा। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को किराए पर मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी, पांच मशीन बैंक केंद्रों की स्थापना होगी। 2030 तक बागवानी क्षेत्र को दो गुणा करने का लक्ष्य रखा है। वहीं, ईपीओ पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल कर किसानों की हिस्सेदारी तय की जाएगी। साथ ही रबी सीजन में उगाई मक्का फसल को वही न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा जो खरीफ सीजन में था। 
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मत्स्य पालकों को मिलेंगे किसान क्रेडिट कार्ड
मत्स्य पालक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। लवणता प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए भिवानी में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क-सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापना की जाएगी। गुरुग्राम में सार्वजनिक निजी भागीदारी पद्धति पर जलीय पौधों, मछलियों और जंतुओं का एक आधुनिक एक्वेरियम स्थापित किया जाएगा। 

अंब्रेला योजना: मूल राशि पर पूरी ब्याज राशि होगी माफ
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि 30 सितंबर 2022 तक फसली ऋण, लघु, मध्यम अवधि के ऋण की मूल राशि का भुगतान करने पर दंडात्मक ब्याज समेत किसानों के ब्याज की पूरी राशि माफ की जाएगी। यह योजना पैक्स और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के ऋणों पर लागू होगी। इसके अलावा, गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) को परिवर्तित करने व पैक्स और डीसीसीबी को उनके पोर्टफोलियो की खराब परिसंपतियों के बोझ से राहत दिलाने के लिए एक परिसंपत्ति पुनर्निमाण कंपनी बनाई जाएगी। वेयर हाउसिंग, कृषि उपकरणों की कस्टम हायरिंग और उर्वरक प्रबंधन के अतिरिक्त कार्यों से पैक्स की स्थिति सुधारी जाएगी। 

एक लाख अंत्योदय परिवारों को डेयरी के लिए सहायता और जमीन
एक लाख अंत्योदय परिवारों को वित्त वर्ष में डेयरी, भेड़, बकरी और बैकयार्ड पोल्ट्री की स्थापना को सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही जिन परिवारों के गांव में पशुओं के लिए जमीन नहीं है, उनको ग्राम पंचायत जमीन प्रदान कराएगी। इसके लिए विस्तृत योजना विकास एवं पंचायत विभाग अधिसूचना जारी करेगा।
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देशी नस्ल के पशुओं के लिए 10 हजार की मदद
साहीवाल, हरियाणा और बेलही नस्ल की गायों की एंब्रयो ट्रांसफर टेक्नॉलाजी (ईटीटी) तकनीक अपनाने पर प्रोत्साहित किया जाएगा। ईटीटी से पैदा होने वाले बछड़ों के लिए 10 हजार रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे अच्छी गुणवत्ता वाले देशी पशुओं की संख्या बढ़ेगी। 

भू-जल रिचार्ज को लगाए जाएंगे पांच हजार बोरवेल
गिरते भू-जल स्तर की रोकथाम के लिए किसानों के खेतों में रिचार्ज बोरवेल लगाने की योजना पहले से चल रही है। नए वित्त वर्ष में पांच हजार रिचार्ज बोरवेल लगाए जाएंगे। गौरतलब है कि प्रदेश के कई जिलों में भू-जल तेजी से नीचे जा रहा है और कई इलाके तो डार्क जोन में आ चुके हैं। 

एसवाईएल के लिए इस बार बजट नहीं
हर साल एसवाईएल नहर के लिए बजट में 100 करोड़ का प्रावधान किया जाता था लेकिन पहली बार बजट में इसके लिए कोई अलग से राशि नहीं रखी गई है। गौरतलब है कि एसवाईएल हरियाणा के लिए बड़ा मुद्दा है और पंजाब के साथ विवाद के चलते इसका निर्माण अधूरा पड़ा है।
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