नए शिक्षा सत्र में शिक्षा विभाग की तरफ से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को इंफारमेशन टेक्नोलाजी (आईटी) की शिक्षा देने पर विशेष तौर पर जोर दिया जाएगा। इसको लेकर 440 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं और कंप्यूटर लैब का निर्माण किया जा रहा है।
स्मार्ट क्लास रूम और कंप्यूटर लैब को तैयार करने का काम एनआईईएलआईटी को सौंपा गया है, जिसने माडल स्कूल तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों के स्तर की शिक्षा प्रदान करने के लिए 2015 से राज्य सरकार की तरफ से कई तरह की नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं।
माडल स्कूलों का निर्माण इसी में से एक था। 2015 में पांच से ज्यादा स्कूलों को माडल स्कूलों के रूप में विकसित करके विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान की गई हैं। अब शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में आईटी और कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है और इसी के चलते नए शिक्षा सत्र में 440 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम और कंप्यूटर रूम तैयार किए जा रहे हैं।
इनमें विद्यार्थियों को विशेष तौर पर आईटी शिक्षा दी जाएगी और कंप्यूटर का ज्ञान दिया जाएगा। इन स्कूलों के विद्यार्थियों को आईटी और कंप्यूटर की शिक्षा के लिए अब किसी कंप्यूटर इंस्टीट्यूट नहीं जाना पड़ेगा।
इन स्मार्ट कक्षाओं को तैयार करने में पिछले कुछ महीने से एनआईईएलआईटी जुटी हुई है। अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन बड़ी कक्षाओं का शिक्षा सत्र जून से शुरू होगा। इसलिए शिक्षा विभाग का जोर जून से पहले इन स्मार्ट कक्षाओं को तैयार करने पर है। इन स्मार्ट कक्षाओं के लिए नोडल आफिसर भी नियुक्त किए जा रहे हैं।